
एचआरटीसी की ई-बसों में बदलाव: पहाड़ी सड़कों के लिए बढ़ाई गई ग्राउंड क्लीयरेंस
पोल खोल न्यूज़ डेस्क । शिमला

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को दूसरे चरण में मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के डिजाइन में अहम बदलाव किया जा रहा है। पहाड़ी और ग्रामीण सड़कों को ध्यान में रखते हुए ई-बसों की ग्राउंड क्लीयरेंस 170 मिमी से बढ़ाकर करीब 200 मिमी कर दी गई है।
निगम ने इस संबंध में Olectra Greentech Limited को निर्देश जारी किए हैं। ट्रायल के दौरान सामने आया था कि ऊबड़-खाबड़ और संकरी सड़कों पर बसों का निचला हिस्सा टकरा रहा था, जिससे संचालन में दिक्कतें आ रही थीं।

एचआरटीसी ने प्रदेश में 36 स्थानों पर ट्रायल किया। मैदानी क्षेत्रों में प्रदर्शन संतोषजनक रहा, लेकिन पहाड़ी इलाकों में कई तकनीकी खामियां सामने आईं। बसों की रेंज भी अपेक्षा से कम (लगभग 160 किमी) पाई गई, जबकि कंपनी ने 180 किमी का दावा किया था।
निगम ने स्पष्ट किया है कि तय तकनीकी मानकों और माइलेज को पूरा करने के बाद ही बसों को स्वीकार किया जाएगा।

🚌 प्रोजेक्ट की स्थिति
- 📦 कुल ऑर्डर: 297 ई-बसें
- 💰 लागत: ₹424 करोड़
- ⏳ डिलीवरी समय: 11 महीने (लक्ष्य)
- ⚠️ स्थिति: डिलीवरी में देरी
⚠️ देरी पर सख्ती
एचआरटीसी ने साफ किया है कि यदि बसों की डिलीवरी में देरी होती है तो कंपनी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा के अनुसार, ट्रायल में सामने आई तकनीकी खामियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं और देरी जितनी होगी, जुर्माना उतना ही बढ़ेगा।
👉 कुल मिलाकर, इन बदलावों से उम्मीद है कि ई-बसें हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगी।




Author: Polkhol News Himachal








