
बागी पूर्व विधायकों को हाईकोर्ट से राहत, पेंशन जारी करने के आदेश
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए 6 पूर्व विधायकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अयोग्य घोषित किए गए इन विधायकों को विधानसभा से मिलने वाली पेंशन जारी करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस रंजन शर्मा शामिल थे, ने राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय को आदेश दिया कि पात्र याचिकाकर्ताओं की बकाया और नियमित पेंशन एक माह के भीतर जारी की जाए। आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

यह फैसला राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के बाद से ये पूर्व विधायक पेंशन से वंचित थे।
पूरा मामला क्या है?
दरअसल, फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।
इस घटनाक्रम के बाद सुक्खू सरकार ने 2024 में एक संशोधन विधेयक लाकर इन अयोग्य विधायकों की पेंशन रोकने का प्रयास किया। हालांकि, इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल पाई, जिससे यह लागू नहीं हो सका।

इसके बाद सरकार ने हाल ही में संपन्न बजट सत्र में दोबारा संशोधन विधेयक पेश किया। नए प्रावधान के अनुसार, 14वीं विधानसभा या भविष्य में जो भी विधायक अयोग्य घोषित होंगे, उनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी। यह बिल फिलहाल राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
यदि राज्यपाल की मंजूरी मिलती है, तो 14वीं विधानसभा के कुटलैहड़ से पूर्व विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो और गगरेट से चैतन्य शर्मा की पेंशन भी बंद हो सकती है।

संशोधन कानून पर कोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी कानून को पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव) से लागू नहीं किया जा सकता। इसका असर केवल भविष्य पर ही होगा। यही वजह रही कि अदालत ने इन पूर्व विधायकों की पेंशन बहाल करने के आदेश दिए।
फैसले के बाद तेज हुई सियासत
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “बदले की भावना की राजनीति” बताया। भाजपा प्रवक्ता आशीष शर्मा ने कहा कि सरकार ने विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कानून का दुरुपयोग किया, लेकिन अदालत ने इस पर रोक लगा दी।

📌 इन्फो बॉक्स
- मामला: क्रॉस वोटिंग के बाद अयोग्यता
- प्रभावित: 6 बागी पूर्व विधायक
- कोर्ट का आदेश: 1 माह में पेंशन जारी करें
- देरी पर ब्याज: 6% वार्षिक
- अहम बिंदु: कानून पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होगा
- नया बिल: भविष्य के अयोग्य विधायकों पर लागू होगा


Author: Polkhol News Himachal







