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पीएमश्री स्कूलों को मिली 128 करोड़ की बड़ी सौगात, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

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पीएमश्री स्कूलों को मिली 128 करोड़ की बड़ी सौगात, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश के 199 पीएमश्री स्कूलों के लिए केंद्र सरकार ने 128 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। दिल्ली में आयोजित प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की वार्षिक बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस स्वीकृति से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक और नवाचार आधारित शिक्षा को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में प्रदेश की ओर से शिक्षा सचिव राकेश कंवर और समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब, पुस्तकालय उन्नयन और खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया गया।

स्वीकृत बजट में से 103 करोड़ रुपये स्कूलों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर खर्च किए जाएंगे। इसके तहत भवनों की मरम्मत, अतिरिक्त कमरों का निर्माण, विज्ञान और कंप्यूटर लैब का विस्तार, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

वहीं, 25 करोड़ रुपये नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर खर्च होंगे। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल लर्निंग, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और शिक्षकों के प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। इस पहल से छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

परियोजना निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि इस बार पीएबी बैठक का प्रारूप बदला गया है, जिसके चलते शिक्षा क्षेत्र को मिलने वाले कुल बजट का विस्तृत ब्योरा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। नए फॉर्मेट से योजनाओं के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग में भी सुधार की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि पीएमश्री स्कूलों में किया जा रहा यह निवेश प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। इससे सरकारी स्कूल निजी संस्थानों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।


📌 इन्फो बॉक्स

  • कुल स्वीकृत बजट: 128 करोड़ रुपये
  • लाभान्वित स्कूल: 199 पीएमश्री स्कूल
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च: 103 करोड़ रुपये
  • नवाचार व डिजिटल शिक्षा: 25 करोड़ रुपये
  • मुख्य फोकस: स्मार्ट क्लास, डिजिटल लैब, AI, स्किल डेवलपमेंट
  • उद्देश्य: सरकारी स्कूलों को आधुनिक व प्रतिस्पर्धी बनाना

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