
📰 9.90 करोड़ लोन विवाद: कारोबारी ने बैंक अधिकारियों पर धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगाए

पोल खोल न्यूज़ डेस्क । शिमला

राजधानी शिमला के एक कारोबारी ने होटल निर्माण के लिए लिए गए 9.90 करोड़ रुपये के ऋण मामले में एक प्रतिष्ठित बैंक के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कारोबारी ने करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुंचाने, जाली दस्तावेज तैयार करने और होटल को जबरन नीलाम कर हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

🏨 होटल प्रोजेक्ट और लोन विवाद की शुरुआत
शिकायतकर्ता सुमित सूद के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2015 में मालरोड स्थित बैंक से होटल निर्माण के लिए 9.90 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट को 16.55 करोड़ से घटाकर 14.55 करोड़ करने का दबाव बनाया और टॉपअप लोन देने का आश्वासन दिया।
⚠️ एनपीए घोषित करने और रिश्वत मांगने के आरोप
कारोबारी का आरोप है कि
👉 एनजीटी प्रतिबंध और कोविड लॉकडाउन जैसी परिस्थितियों के बावजूद बैंक ने ऋण का पुनर्गठन नहीं किया

👉 खाते को बार-बार एनपीए घोषित किया गया
👉 बैंक अधिकारी ने उनसे रिश्वत की मांग की
💰 42 लाख जमा कराने के बाद भी नहीं मिला लाभ
शिकायत के अनुसार, बैंक ने ऋण पुनर्गठन के नाम पर 42 लाख रुपये जमा कराने को कहा।
👉 कारोबारी ने गोल्ड लोन लेकर यह राशि जमा करवाई
👉 इसके बावजूद बैंक ने पुनर्गठन से इनकार कर दिया
इसके बाद 2.60 करोड़ की सब्सिडी पास करवाने के नाम पर 26 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया है।

📄 फर्जी दस्तावेज और साजिश के आरोप
कारोबारी ने आरोप लगाया कि
👉 5 सितंबर 2024 को फर्जी मीटिंग मिनट्स तैयार किए गए
👉 उनकी अनुपस्थिति में उपस्थिति दर्ज दिखाई गई
👉 नियमों को दरकिनार कर SARFAESI एक्ट के तहत कार्रवाई की गई

📊 भुगतान के बावजूद भारी बकाया का दावा
शिकायतकर्ता का दावा है कि
👉 9.90 करोड़ के ऋण के बदले 14.40 करोड़ से अधिक भुगतान किया जा चुका है
👉 इसके बावजूद बैंक 13 करोड़ से अधिक ब्याज मांग रहा है
👉 कुल देनदारी 45–50 करोड़ तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है
👮 पुलिस जांच शुरू
पुलिस ने मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है।

📌 इन्फो बॉक्स
📍 स्थान: शिमला
🏨 मामला: होटल लोन विवाद
💰 ऋण राशि: 9.90 करोड़
⚠️ आरोप: धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, रिश्वत
💸 भुगतान: 14.40 करोड़ से अधिक
📊 दावा: 45–50 करोड़ तक देनदारी
👮 कार्रवाई: बालूगंज थाना में एफआईआर दर्ज

Author: Polkhol News Himachal








