
📰 हिमाचल में मेडिकल कॉलेजों के लिए कॉमन काडर लागू, डॉक्टरों के ट्रांसफर और भर्ती में बड़ा बदलाव
पोल खोल न्यूज़। शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के चार नए मेडिकल कॉलेजों—नाहन, नेरचौक, हमीरपुर और चंबा में विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए कॉमन काडर सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था के तहत इन मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर अब आपस में ट्रांसफर हो सकेंगे। साथ ही भविष्य की सभी भर्तियां और पदोन्नतियां इसी कॉमन काडर सिस्टम के तहत होंगी।
हालांकि आईजीएमसी शिमला, एम्स चमियाना और टांडा मेडिकल कॉलेज को को इस व्यवस्था से फिलहाल बाहर रखा गया है।
सरकार ने यह कदम मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से उठाया है। अधिसूचना के अनुसार प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को मिलाकर एक संयुक्त काडर बनाया गया है, जिससे नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
मौजूदा फैकल्टी को राहत देते हुए उनके पदोन्नति अधिकार सुरक्षित रखे गए हैं। वे अपने-अपने संस्थान के काडर में ही प्रमोशन प्राप्त करेंगे, जबकि नई भर्ती और पदोन्नति कोटा से आने वाले सभी कर्मियों पर कॉमन काडर पूरी तरह लागू रहेगा।
विशेषज्ञ मेडिकल अधिकारियों को दो महीने के भीतर यह विकल्प देना होगा कि वे चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं या स्वास्थ्य सेवा निदेशालय में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्य करना चाहते हैं। एक बार दिया गया विकल्प अंतिम और बाध्यकारी होगा।
भविष्य में भर्ती प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएगी। साथ ही हर साल 1 जनवरी को रिक्तियों की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पदोन्नति के बाद खाली रहने वाले पदों को ट्रांसफर, डेपुटेशन या सीधी भर्ती से भरा जाएगा।
📊 इन्फो बॉक्स:
🔹 लागू कॉलेज: नाहन, नेरचौक, हमीरपुर, चंबा
🔹 काडर में शामिल पद: प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर
🔹 ट्रांसफर सुविधा: चारों कॉलेजों के बीच संभव
🔹 बाहर रखे गए संस्थान: IGMC शिमला, AIIMS चमियाना, टांडा
🔹 भर्ती एजेंसी: HPPSC
🔹 ऑप्शन देने की समय सीमा: 2 महीने
🔹 कट-ऑफ तिथि: हर साल 1 जनवरी

Author: Polkhol News Himachal








