
“नशा तस्करों से सांठगांठ पर जीरो टॉलरेंस: एसपी बलवीर सिंह ठाकुर की सख्ती, भोरंज थाने के दो कांस्टेबल सस्पेंड”
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
हिमाचल में नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की सख्त नीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी है। इसी कड़ी में हमीरपुर जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भोरंज थाना में तैनात दो कांस्टेबलों को चिट्टा तस्करों से कथित सांठगांठ के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसपी बलवीर सिंह ठाकुर का सख्त संदेश:
पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर सिंह ठाकुर ने साफ शब्दों में कहा है कि अनुशासनहीनता और अपराध में संलिप्तता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
लेन-देन के भी संकेत, जांच गहराई तक:
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी पुलिस कर्मियों के तस्करों से केवल संपर्क ही नहीं, बल्कि आर्थिक लेन-देन के भी संकेत मिले हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश:
सूत्रों के अनुसार, यह मामला सिर्फ दो कर्मियों तक सीमित नहीं रह सकता। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी जांच की आंच पहुंच सकती है।
हिमाचल सरकार का कड़ा रुख:
प्रदेश सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी एलएसडी नशे के मामले में एसटीएफ के चार पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जो इस सख्ती का बड़ा उदाहरण है। हमीरपुर में हुई यह कार्रवाई न केवल पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन का संदेश देती है, बल्कि यह भी साफ करती है कि हिमाचल में नशे के खिलाफ अब “क्लीन सिस्टम” की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।


Author: Polkhol News Himachal









