

अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने 10 साल की कॉन्ट्रैक्ट सेवा को पेंशन में जोड़ने का फैसला बरकरार रखा
पोल खोल न्यूज़ डेस्क। शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि अनुबंध अवधि की सेवा को पेंशन लाभ के लिए गिना जाएगा। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी।
एकल पीठ ने कर्मचारियों की वर्ष 2004 से 2014 तक की 10 वर्ष की अनुबंध सेवा को पेंशन लाभ के लिए मान्य करने का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने अपील दायर की थी, लेकिन न्यायाधीश न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य बनाम जगदेव सिंह व अन्य मामले में सरकार की अपील को खारिज कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उमावती बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में स्पष्ट कर चुका है कि अनुबंध सेवा को पेंशन लाभ के लिए गिना जाएगा। चूंकि संबंधित कर्मचारी केवल पेंशन लाभ की मांग कर रहे हैं और वेतन वृद्धि की मांग नहीं कर रहे हैं, इसलिए सरकार की अपील को निरर्थक मानते हुए खारिज कर दिया गया।
खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अब अनुबंध अवधि को पेंशन में शामिल करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है और सरकार इस मुद्दे को दोबारा चुनौती नहीं दे सकती।
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हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि अनुबंध अवधि के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि को नियमित सेवा में जोड़ने का मुद्दा अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राम चंद बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में सर्वोच्च न्यायालय यह तय करेगा कि क्या अनुबंध अवधि की सालाना वेतन वृद्धि को नियमित होने के बाद वेतन में शामिल किया जाना चाहिए। यदि इस मामले में फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आता है, तो इसका लाभ अन्य कर्मचारियों को भी मिल सकेगा।
📊 इन्फो बॉक्स
फैसला: अनुबंध सेवा को पेंशन में जोड़ने का आदेश बरकरार
लाभ अवधि: 2004 से 2014 तक की 10 साल की अनुबंध सेवा
सरकार की अपील: हाईकोर्ट ने खारिज की
संबंधित मामला: राज्य बनाम जगदेव सिंह व अन्य
आधार: उमावती केस में सुप्रीम कोर्ट पहले ही दे चुका है स्पष्ट आदेश
राहत: कर्मचारियों को पेंशन लाभ मिलेगा
लंबित मुद्दा: अनुबंध अवधि की वार्षिक वेतन वृद्धि पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी
संभावित असर: सुप्रीम कोर्ट के भविष्य के फैसले से कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

Author: Polkhol News Himachal









