

-
230 साल पुराना सुजानपुर होली मेला विवादों में : नरेंद्र ठाकुर
-
बाहरी ठेकेदारों को बढ़ावा देने के आरोप, स्थानीय युवा व महिला उद्यमियों में रोष
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
लगभग 230 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक परंपरा वाला राष्ट्रीय होली मेला इस वर्ष आयोजन से पहले ही विवादों में घिर गया है। स्थानीय दुकानदारों, युवा व्यापारियों और महिला उद्यमियों ने आरोप लगाया है कि मेला भूमि आवंटन प्रक्रिया में बाहरी ठेकेदारों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय व्यापारियों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
स्थानीय व्यापारियों के प्रतिनिधि नरेंद्र ठाकुर और सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष मेले में प्रति प्लॉट दर 7500 रुपये निर्धारित थी, जबकि इस बार पूरे चौगान मैदान को एक गैर-हिमाचली व्यक्ति को सौंपने की चर्चा चल रही है। उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो प्लॉट दरों में मनमानी बढ़ोतरी की आशंका है और यह मामला करोड़ों रुपये के संभावित घोटाले का रूप ले सकता है।

व्यापारियों ने बताया कि मेला मैदान में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल, तीन नर्सरी, लगभग 450 प्लॉट, 20 बड़े फर्नीचर स्टॉल, पार्किंग स्थल तथा दो बड़े डोम (प्रत्येक में करीब 200 दुकानें) शामिल रहती हैं। ऐसे में यदि संपूर्ण प्रबंधन एक बाहरी ठेकेदार को दिया जाता है तो स्थानीय छोटे व्यापारियों, युवाओं और महिला उद्यमियों को दरकिनार किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने पारंपरिक व्यवस्था को बहाल करने तथा प्लॉट आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मेला केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है, जिसमें स्थानीय भागीदारी सर्वोपरि होनी चाहिए।
इस मौके पर स्थानीय व्यापारी विक्रांत चौहान, दीपक ठाकुर, आशु ठाकुर, दिनेश पंडित और राकेश कोट सहित कई अन्य मौजूद रहे। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो वे संगठित आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Author: Polkhol News Himachal









