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कांगड़ा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर डॉक्टर से 36 लाख ठगे, दो माह में 2.21 करोड़ की साइबर ठगी

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कांगड़ा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर डॉक्टर से 36 लाख ठगे, दो माह में 2.21 करोड़ की साइबर ठगी

पोल खोल न्यूज़ | कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में साइबर ठगों ने एक डॉक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर 36 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने डॉक्टर को किसी गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी और करीब तीन दिन तक मानसिक दबाव में रखा। नाम केस से हटाने के बहाने मोटी रकम वसूल कर ली गई।

जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में ठगों ने डॉक्टर से संपर्क कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और उन्हें गंभीर अपराध में आरोपी होने की बात कही। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर डॉक्टर को लगातार वीडियो कॉल और निगरानी के नाम पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। भय और दबाव के चलते डॉक्टर ने दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 36 लाख रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने जनवरी 2026 में साइबर क्राइम थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दो माह में चार मामलों में 2.21 करोड़ की ठगी

जनवरी और फरवरी माह में जिले में साइबर ठगी के चार बड़े मामले सामने आए हैं। इनमें तीन मामले फर्जी निवेश (इन्वेस्टमेंट फ्रॉड) से जुड़े हैं, जिनमें कुल 2.21 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई है।

  • एक व्यक्ति से 50.74 लाख रुपये
  • दूसरे से 40 लाख रुपये
  • तीसरे मामले में 94,80,924 रुपये

तीनों मामलों में ठगों ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर पीड़ितों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। इसके बाद फर्जी निवेश एप पर दोगुना मुनाफा दिखाकर रकम निवेश करवाई गई। एप पर रकम बढ़ती हुई दिखाई जाती रही, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया गया तो टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अतिरिक्त राशि जमा करवाने की मांग की गई। कई पीड़ितों ने लालच में आकर रिश्तेदारों से उधार लेकर भी पैसा ट्रांसफर किया।

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पुलिस उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) रोहित मालपानी ने बताया कि जनवरी और फरवरी में डिजिटल अरेस्ट और निवेश ठगी के चार मामले दर्ज किए गए हैं और सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है।

बिना ओटीपी और लिंक क्लिक किए व्यापारी के खाते से 1.35 लाख गायब

वहीं मंडी जिले के सुंदरनगर में साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छोटे कारोबारी के बैंक खाते से 1.35 लाख रुपये रहस्यमयी तरीके से निकल गए। पीड़ित का दावा है कि उसने न तो किसी के साथ ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया।

भोजपुर बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले हनुमंत पवार ने बताया कि खाते की जांच करने पर उसमें मात्र 18 रुपये शेष मिले। मेहनत की कमाई अचानक गायब होने से वे स्तब्ध हैं। शिकायत मिलने पर सुंदरनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि मामला प्रथम दृष्टया साइबर अपराध से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

📌 इन्फो बॉक्स

ऐसे बचें साइबर ठगी से

  • किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई या एजेंसी बताने वालों से सावधान रहें।
  • “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती।
  • ओटीपी, बैंक डिटेल, स्क्रीन शेयरिंग ऐप या रिमोट एक्सेस की अनुमति कभी न दें।
  • सोशल मीडिया पर निवेश के दोगुने मुनाफे के झांसे से बचें।
  • संदिग्ध कॉल या ट्रांजेक्शन की तुरंत सूचना 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दें।


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