

जनता से सब्सिडी छीनने से पहले सुक्खू सरकार अपनी फिजूल खर्ची घटाए : अर्चना चौहान
पोल खोल न्यूज़ | हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस सरकार द्वारा जहां आम जनता से सब्सिडी और भर्तियां बंद करने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता से जुड़े पदों पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। जिला हमीरपुर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की अध्यक्ष अर्चना चौहान ने इस दोहरे मापदंड पर कड़ा एतराज जताया है।
अर्चना चौहान ने कहा कि सरकार एक ओर वित्तीय संकट का हवाला देकर आम लोगों की सुविधाओं में कटौती कर रही है, दूसरी ओर मंत्री-विधायकों के वेतन-भत्तों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। इतना ही नहीं, निगम-बोर्ड अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का मानदेय पांच गुना तक बढ़ा दिया गया, जबकि सरकार के सलाहकारों को हर माह ढाई लाख रुपये तक वेतन दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि वित्त विभाग आम जनता की सब्सिडी, नई भर्तियां और कर्मचारियों-पेंशनरों के लाभों पर रोक लगाने की सिफारिशें कर रहा है, लेकिन राजनीतिक ओहदेदारों पर करोड़ों रुपये खर्च करने से सरकार को कोई परहेज नहीं है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि सत्ता के सुख हैं।
महिला मोर्चा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी ही खराब है, तो फिर दर्जनों सलाहकारों, अतिरिक्त महाधिवक्ताओं और राजनीतिक नियुक्तियों की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि 75 से अधिक अतिरिक्त, उप और सहायक महाधिवक्ताओं की नियुक्तियां सरकार के खर्चीले रवैये को उजागर करती हैं।
अर्चना चौहान ने कहा कि भाजपा जनता के साथ खड़ी है और इस आर्थिक असमानता के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने मांग की कि सरकार सबसे पहले अनुत्पादक और फिजूलखर्ची पर रोक लगाए, न कि गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की जेब पर कैंची चलाए।

Author: Polkhol News Himachal










