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बिलासपुर में एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति की गोपनीय जानकारी लीक, पत्नी व रिश्तेदारों पर मामला दर्ज

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बिलासपुर में एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति की गोपनीय जानकारी लीक, पत्नी व रिश्तेदारों पर मामला दर्ज

पोल खोल न्यूज़ | बिलासपुर

बिलासपुर जिले के भराड़ी थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने का गंभीर मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ सदस्यों ने उसकी एचआईवी पॉजिटिव होने की जानकारी गांव में फैला दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया कि वह एचआईवी पॉजिटिव है और कानून के तहत इस बीमारी से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद आरोपियों ने जानबूझकर उसकी स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा गांव और आसपास के लोगों के बीच कर दिया।

पीड़ित का कहना है कि इस खुलासे के बाद उसे सामाजिक भेदभाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का व्यवहार बदल गया है और उसे तिरस्कार की नजर से देखा जा रहा है, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है।

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति की निजी स्वास्थ्य जानकारी को बिना अनुमति सार्वजनिक न करें। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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एसपी संदीप धवल ने बताया कि एचआईवी/एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम के तहत पीड़ित की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को गोपनीय रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इस कानून का उद्देश्य एचआईवी से संक्रमित व्यक्तियों को सामाजिक भेदभाव से बचाना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करना है। बिना अनुमति ऐसी जानकारी साझा करना कानून का उल्लंघन है।

शिकायत दर्ज कर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है। तथ्यों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

📌 इन्फो बॉक्स

एचआईवी/एड्स कानून क्या कहता है?

  • एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य है।
  • बिना लिखित अनुमति स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करना दंडनीय है।
  • भेदभाव करना कानूनन अपराध है।
  • पीड़ित को सम्मानजनक जीवन और समान अवसर का अधिकार है।
  • शिकायत के लिए संबंधित पुलिस थाने या राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी से संपर्क किया जा सकता है।

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