

ऊहल –टौणी देवी सड़क11 दिन बाद बहाल, बसों की आवाजाही शुरू; लोगों ने मांगा स्थायी समाधान
रजनीश शर्मा । हमीरपुर
करीब 11 दिनों की लंबी बंदिश के बाद उहल–टौणी देवी–कक्कड़ सड़क मार्ग आखिरकार बसों के लिए बहाल कर दिया गया है। 31 जनवरी को डंगा गिरने के कारण यह मार्ग बड़ी गाड़ियों के लिए बंद कर दिया गया था, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मार्ग बंद रहने से टौणी देवी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए लोगों को वाया छतरूढ़ू–चौरी कोट होकर करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। निजी व सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी, मजदूर वर्ग और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी सबसे अधिक प्रभावित रहे। हालांकि छोटी गाड़ियों के लिए सड़क पहले खोल दी गई थी, लेकिन कटिंग और रिपेयरिंग कार्य के चलते उन्हें भी कई-कई घंटों तक रोका जा रहा था।
बुधवार सुबह मिली राहत
बुधवार सुबह कार्यस्थल से मलबा हटाकर मार्ग को बसों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया। जंगलबेरी से हमीरपुर जाने वाली सभी बसें इसी मार्ग से रवाना हुईं। जंगलबेरी–शिमला बस भी अपने निर्धारित समय पर टौणी देवी पहुंची, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
लोगों की मांग: पैचवर्क नहीं, पूरी सड़क की गुणवत्ता पूर्ण टायरिंग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि टौणी देवी–उहल–जंगलबेरी डिस्ट्रिक्ट मेजर रोड पर तंग मोड़ों की जल्द कटिंग कर उन्हें चौड़ा किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो। साथ ही सड़क पर जगह-जगह पैचवर्क करने की बजाय पूरी सड़क पर गुणवत्ता पूर्ण टायरिंग की जाए, जिससे सफर सुरक्षित और सुगम बन सके।
लोक निर्माण विभाग टौणी देवी उपमंडल के सहायक अभियंता नितेश भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को उहल–टौणी देवी–कक्कड़ सड़क मार्ग बड़ी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है और आगे भी सड़क की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
11 दिन की इस बंदिश ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की संवेदनशीलता और स्थायी समाधान की जरूरत को उजागर कर दिया है। फिलहाल मार्ग खुलने से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब सबकी निगाहें सड़क सुधार के स्थायी उपायों पर टिकी हैं।

Author: Polkhol News Himachal










