

राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर भाजपा की चुप्पी हिमाचल विरोधी: प्रेम कौशल
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
हिमाचल में सत्ता से बाहर होने के पश्चात प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने लगातार हिमाचल के हित्तों के ख़िलाफ़ राजनीति की है। प्रदेश कांग्रेस पूर्व मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मीडिया को जारी व्यान में कहा कि चाहे प्रदेश में आपदा के समय में भाजपा नेताओं के आचरण को देखा जाए या फिर केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बन्द करने के निर्णय के बाद की भाजपा नेताओं कि राजनीति को सभी मौकों पर प्रदेश के भाजपा नेता हिमाचल के हितों के विरूद्ध खड़े नज़र आए। कौशल ने कहा कि अपने केंद्रीय नेतृत्व को प्रसन्न करने के मकसद से बी जे पी नेता प्रदेश के नज़रिए से खलनायकों की तरह व्यवहार कर रहे हैं और प्रदेश से भाजपा सांसद हिमाचल के हितों की आवाज़ उठाने की बजाए चापलूसी करने में मशगूल हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व उठाए गए तमाम क़दमों को रोकने के लिए भाजपा नेताओं ने केंद्र के साथ मिलकर षड्यंत्रों को अंजाम दिया। वॉटर सेस को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय का रूख,शनान पॉवर प्रोजेक्ट को हिमाचल के हवाले करने के मुद्दे पर भाजपाइयों की खामोशी यही दर्शाते हैं कि प्रदेश के भाजपा नेता प्रदेश कि आर्थिक स्थिति को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने कि मंशा से हिमाचल विरोधी राजनीति को अंजाम दे रहे हैं। कौशल ने कहा कि जय राम सरकार के शासन काल में ही केंद्र ने राजस्व घाटा अनुदान को साल दर साल कम करने की नीति शुरू की थी फिर जय राम ने इस मुद्दे को केंद्र की अपनी ही सरकार के समक्ष क्यों नहीं उठाया मतलब साफ है कि प्रदेश हित के मुद्दों पर बात और आवाज़ उठाने की इन नेताओ की न तो नियत है और न ही साहस।
Author: Polkhol News Himachal









