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एमसीएच के बाद 33,600 का ऑफर! चमियाना सुपर स्पेशलिटी में न्यूरो सर्जरी जॉब ट्रेनी नियुक्ति पर भड़के डॉक्टर

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एमसीएच के बाद 33,600 का ऑफर! चमियाना सुपर स्पेशलिटी में न्यूरो सर्जरी जॉब ट्रेनी नियुक्ति पर भड़के डॉक्टर

पोल खोल न्यूज़ । शिमला 

शिमला। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना के न्यूरो सर्जरी विभाग के लिए एमओ सर्जरी (जॉब ट्रेनी) के रूप में एक चिकित्सक को महज 33,600 रुपये मासिक मानदेय पर ऑफर दिए जाने से चिकित्सक वर्ग में भारी रोष है। हैरानी की बात यह है कि यही चिकित्सक आईजीएमसी में एमसीएच (मास्टर ऑफ चिरुर्जिया) कोर्स के दौरान सीनियर रेजिडेंट के रूप में 1.30 लाख रुपये मासिक स्टाइपंड प्राप्त कर रहा था। कोर्स पूरा होने के बाद मानदेय में सीधे एक लाख रुपये से अधिक की कटौती ने सरकार की नई जॉब ट्रेनी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वर्तमान में न्यूरो सर्जरी विभाग आईजीएमसी में संचालित हो रहा है, जिसे चिकित्सकों की भर्ती और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिफ्ट किया जाना प्रस्तावित है। विभाग में इस समय छह सीनियर रेजिडेंट और तीन कंसलटेंट चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, जबकि पूरा विभाग मात्र तीन डॉक्टरों के सहारे चल रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों को कम मानदेय पर जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त करना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

चमियाना फैकल्टी एसोसिएशन ने इस जॉब ऑफर को साढ़े ग्यारह साल तक की एमसीएच जैसी कठिन पढ़ाई और सर्जन के पद का खुला मजाक करार दिया है। एसोसिएशन के महासचिव डॉ. यशवंत वर्मा ने कहा कि एमसीएच जैसी सुपर स्पेशलिटी डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सक को एमओ के पद पर जॉब ट्रेनी बनाकर मात्र 33,600 रुपये मानदेय देना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह युवा डॉक्टरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने कहा कि जिस डॉक्टर को प्रशिक्षण के दौरान 1.30 लाख रुपये स्टाइपंड दिया जा रहा था, उसे कोर्स पूरा करने के बाद इतनी कम राशि पर रखना समझ से परे है।

डॉक्टरों के साथ-साथ युवाओं ने भी सरकार के इस फैसले को बेरोजगारों के साथ मजाक बताया है। युवा चिकित्सकों का कहना है कि नाममात्र मानदेय पर ट्रेनी बनने का ऑफर पद, योग्यता और वर्षों की पढ़ाई का अपमान है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समक्ष उठाया जाएगा और मांग की जाएगी कि कम से कम मानदेय पूर्व में मिल रहे स्टाइपंड के बराबर तय किया जाए।

इसके अलावा, संघ ने सुपर स्पेशलिटी मेडिकल अफसरों को इमरजेंसी विभाग के अधीन रखने के आदेशों पर भी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि कार्डियोलॉजी समेत अन्य सुपर स्पेशलिटी के मेडिकल अफसरों की तैनाती संबंधित विभागों के अधीन ही की जानी चाहिए। इस मामले पर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गोपाल बेरी ने कहा कि पूरे प्रकरण को देखा जाएगा और जॉब ट्रेनी के रूप में तैनाती के दौरान डॉक्टरों के लिए इंसेंटिव का भी प्रावधान है।

इन्फो बॉक्स

अस्पताल: सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, चमियाना

विभाग: न्यूरो सर्जरी

पद: एमओ सर्जरी (जॉब ट्रेनी)

मानदेय: ₹33,600 प्रतिमाह (+ इंसेंटिव)

पूर्व स्टाइपंड (एमसीएच, आईजीएमसी): ₹1.30 लाख प्रतिमाह

रिक्त पद: 6 सीनियर रेजिडेंट, 3 कंसलटेंट

वर्तमान स्थिति: विभाग 3 चिकित्सकों के सहारे संचालित

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