best news portal development company in india

सिरमौर: आसन बैराज में 46 प्रजातियों के 5000 परिंदों ने जमाया डेरा, सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट

SHARE:

सिरमौर: आसन बैराज में 46 प्रजातियों के 5000 परिंदों ने जमाया डेरा, सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट

पोल खोल न्यूज़ | सिरमौर

हिमाचल-उत्तराखंड राज्य सीमा पर आसन बैराज में 46 प्रजातियों के पांच हजार से ज्यादा परिंदों ने डेरा जमाया हुआ है। वन विभाग ने मेहमान परिंदों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है। आधा दर्जन से अधिक वन कर्मी तथा दर्जनों प्रशिक्षु वन कर्मी अलर्ट पर हैं।

हिमाचल-उत्तराखंड की राज्य सीमा पर स्थित सुंदर घाटियां प्रवासी पक्षियों को भी आकर्षित करती हैं। खासकर आसन बैराज जल पक्षियों का पसंदीदा स्थल है। हर वर्ष की तरह साइबेरिया और यूरोप के विभिन्न देशों से पक्षी यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। सात समुंदर पार से हजारों मील की दूरी तय कर आए विदेशी परिंदों ने यहां दस्तक दी है। सर्दी का मौसम शुरू होते ही प्रवासी पक्षी यूरोप, मध्य एशिया और साइबेरिया से झील में पहुंच रहे हैं।

ये भी पढ़ें : भोरंज ( बस्सी) में आज लोहड़ी उत्सव की भव्य संध्या, विधायक सुरेश कुमार के प्रयासों से सजेगी सांस्कृतिक शाम

दरअसल, सर्दियों के मौसम में विदेशों में झीलें और समुद्र की सतह जम जाती हैं, जिसके चलते विदेशी मेहमान अन्य बड़े झीलों की ओर रुख करते हैं। आसान बैराज में रोजाना सैकड़ों की तादाद में विदेशी परिंदे पहुंच रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष अब तक बारिश-बर्फबारी नहीं होने व शुष्क ठंड के चलते संख्या अभी तक भी कम ही दर्ज की गई है।

वहीं, आसन बैराज क्षेत्र के आरओ आनंद सिंह रावत ने बताया कि इन पक्षियों की देखरेख के लिए आधा दर्जन वन कर्मी जवानों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। वन्य जीव व पक्षी प्रेमी भरत ठाकुर, रीता शर्मा, सरिता चौहान, दिनेश शर्मा, राधिका, राहुल परमार, सलमान अली व जसवीर सिंह ने बताया कि आसन बैराज में विदेशी पक्षियों का आगमन अक्तूबर से शुरू हो गया है। रंग-बिरंगे पक्षी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

बताते चलें कि आसन बैराज वन क्षेत्र के वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने कहा कि साइबेरिया, यूरोप, मध्य एशिया चीन, नेपाल, भूटान, कजाकिस्तान समेत अन्य देशों से ये जल पक्षी आसन बैराज पहुंचने शुरू हो गए हैं। इसमें सबसे अधिक साइबेरियन पक्षी हैं। इनमें सुर्खाव बतख, शेलडक, पिनटेल्स, रूडी, यूरेशियन शावलर, रेड ग्रेस्टर, पोचार्ड डक, टफ्ड स्पाट, लाल चौच, गुडगुडा, सुर्खिया बगुला, बयारी बत्तख, मलग बगुला, करचिया बगुला व टील प्रजाति के जल पक्षी पहुंचे हैं।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now