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बधानी पंचायत घोटाला: प्रशासन की सख्ती , तीन माह की निष्क्रियता पर गिरी गाज, बीडीओ बमसन जांच से हटाई गई — एसडीएम भोरंज को सौंपी गई जिम्मेदारी

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बधानी पंचायत घोटाला: प्रशासन की सख्ती , तीन माह की निष्क्रियता पर गिरी गाज, बीडीओ बमसन जांच से हटाई गई — एसडीएम भोरंज को सौंपी गई जिम्मेदारी

रजनीश शर्मा। हमीरपुर 

जिला हमीरपुर के टौणी देवी विकास खंड की बधानी ग्राम पंचायत में सामने आए कथित घोटाले के मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार तीन माह तक जांच रिपोर्ट सबमिट न करने और स्पष्ट निष्क्रियता के चलते बीडीओ बमसन को जांच अधिकारी के पद से हटा दिया गया है। अब इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी एसडीएम भोरंज को सौंप दी गई है।
इस संबंध में उपायुक्त हमीरपुर द्वारा बाकायदा लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसकी प्रति संबंधित अधिकारियों को भेजी जा चुकी है।


क्या है पूरा मामला

बधानी पंचायत में कथित तौर पर फर्जी बिलों, बिना नियमों के भुगतान, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और पंचायत रिकॉर्ड से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लंबे समय से सामने आ रहे थे। शिकायतकर्ता द्वारा विभागीय स्तर पर औपचारिक शिकायत देने के बावजूद जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
उपायुक्त कार्यालय द्वारा पहले ही जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, यहां तक कि स्मरण पत्र भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद न तो मौके पर प्रभावी जांच हुई और न ही कोई ठोस रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।


पोल खोल न्यूज  ने लगातार उठाया मुद्दा

इस पूरे प्रकरण को Pol Khol News चैनल सहित जिले के सभी प्रमुख प्रिंट मीडिया के पत्रकार लगातार प्रमुखता से उठाते रहे। खबरों के जरिए बार-बार यह सवाल उठाया गया कि जब आरोप गंभीर हैं तो जांच क्यों लंबित है?

मीडिया की निरंतर रिपोर्टिंग और तथ्यों को जनता के सामने लाने का असर यह हुआ कि जिला प्रशासन को आखिरकार सख्ती दिखानी पड़ी और जांच व्यवस्था में बदलाव का फैसला लेना पड़ा।


ऑडिट रिपोर्ट ने खोली अनियमितताओं की पोल

वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट में भी बधानी पंचायत में भारी वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार:

  • विकास कार्यों के सामान की आपूर्ति में बिना जीएसटी भुगतान के लाखों रुपये खर्च किए गए।
  • कई कार्यों में बिना निविदा प्रक्रिया के भुगतान किया गया।
  • लाखों रुपये के व्यय में माप पुस्तिकाएं और आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए गए।
  • मनरेगा और अन्य योजनाओं में भी नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आए।


जनता को न्याय की उम्मीद

बीडीओ को जांच से हटाकर एसडीएम स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब इस मामले को हल्के में नहीं लेना चाहता। इससे न सिर्फ जांच में तेजी आने की उम्मीद है, बल्कि दोषियों पर कार्रवाई का रास्ता भी साफ हुआ है।


इन्फो बॉक्स

  • मामला: बधानी ग्राम पंचायत कथित घोटाला
  • विकास खंड: टौणी देवी, जिला हमीरपुर
  • कारण: 3 माह तक जांच रिपोर्ट न देना, निष्क्रियता

  • कार्रवाई: बीडीओ बमसन जांच से हटाई गई
  • नई जिम्मेदारी: एसडीएम भोरंज
  • आधार: शिकायत, ऑडिट रिपोर्ट 2024-25, मीडिया रिपोर्टिंग
  • अहम भूमिका: Pol Khol News व अन्य प्रिंट मीडिया

मीडिया की ताकत, लोकतंत्र की ताकत

यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर साबित करता है कि स्वतंत्र और निर्भीक मीडिया लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है। जब सवाल उठाए जाते हैं, सच्चाई सामने लाई जाती है, तो प्रशासन को भी जवाबदेह बनना पड़ता है।

बधानी पंचायत प्रकरण में मीडिया की सतत निगरानी और जनता की आवाज़ ने यह संदेश दिया है कि अब अनियमितताओं पर पर्दा डालना आसान नहीं

जनता को न्याय की राह पर यह एक अहम कदम है — और यह जीत है सच, सवाल और पत्रकारिता की।

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