
अधिकारी जिन पर गर्व है : “पहले इंसान, फिर फ़ाइल” — जब हमीरपुर के डीसी अमरजीत सिंह ने फरियादी को पेट भर खाना खिलाया फिर सुनी फरियाद

रजनीश शर्मा। हमीरपुर



उसे मिला एक इंसान, जिसने उसकी फ़ाइल से पहले उसकी भूख पढ़ ली।
“ठाकुर साहब, पहले खाना खाओ…”
ये शब्द केवल संवेदना नहीं थे, ये उस प्रशासन की आत्मा थे—
जहाँ काम से पहले करुणा,
और अधिकार से पहले इंसान रखा जाता है।

डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह का छोटा लेकिन गहरा संदेश
“प्रशासन का असली धर्म यह नहीं कि वह सिर्फ़ निर्णय दे,
बल्कि यह है कि वह दर्द को समझे।
जब तक आख़िरी व्यक्ति का पेट भरा और मन हल्का नहीं,
तब तक हमारा काम अधूरा है।”
इन्फो बॉक्स | क्यों अलग हैं डीसी अमरजीत सिंह?
पद: उपायुक्त (DC), हमीरपुर
पहचान: फ़ाइलों से पहले फ़रियादी
कार्यालय संस्कृति:
• बिना चिट–बिना अपॉइंटमेंट, आम आदमी के लिए खुले दरवाज़े
• समस्याओं को “नंबर” नहीं, “नाम” से सुनना

प्रशासनिक दर्शन:
नियम + संवेदना
शक्ति + सेवा
जनभावना:
“डीसी साहब” नहीं,
“हमारे अपने अधिकारी”
निष्कर्ष
हमीरपुर को आज जिस प्रशासन पर गर्व है,
वह इसलिए नहीं कि वहाँ आदेश तेज़ी से निकलते हैं—
बल्कि इसलिए कि वहाँ आँखों में आँसू देखकर भी फ़ाइल नहीं सरकाई जाती,
पहले हाथ बढ़ाया जाता है।
डीसी अमरजीत सिंह ने साबित कर दिया है—
सच्ची सेवा कुर्सी से नहीं, करुणा से चलती है।
Author: Polkhol News Himachal





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