
आईजीएमसी में डॉक्टर ने बेड पर लेटे मरीज को बेरहमी से पीटा, केस दर्ज
पोल खोल न्यूज़ | शिमला
आईजीएमसी शिमला में उपचार करवाने आए मरीज को एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने बेरहमी से पीट दिया। बेड पर लेटे मरीज को डॉक्टर ने घूंसे मारे, जिससे उसके नाक से खून निकल गया। मरीज ने भी डॉक्टर को लात मारी। वहीं, वीडियो वायरल होने और परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। उधर, सरकार ने अस्पताल प्रशासन की रिपोर्ट के बाद आरोपी चिकित्सक को सस्पेंड कर दिया है।
आरोपी को मेडिकल एजुकेशन के मुख्यालय में रिपोर्ट करने को कहा है। साथ ही सीएम के आदेशों पर जांच के लिए हाई पावर कमेटी भी बनाई गई है। वहीं, सोमवार को दोपहर 12:00 बजे शिमला जिले के कुपवी के मशोत गांव के अर्जुन का आईजीएमसी में ब्रोंकोस्कोपी टेस्ट किया गया। डॉक्टर ने बेड पर आराम करने के लिए कहा। मरीज के मुताबिक उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. राघव नरोला वहां पहुंचा और टेस्ट से संबंधित पूछताछ की।
बता दें कि अर्जुन का आरोप है कि चिकित्सक ने उनके साथ तू तड़ाक में बात की। जब विरोध किया, तो वह उन पर टूट पड़ा और मुंह पर घूंसे मारने शुरू कर दिए। मरीज के भाई रमेश कुमार और अन्य परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और आरोपी की बर्खास्तगी व सामने लाकर माफी मंगवाने की मांग की। साथ ही मारपीट के समय एक अन्य डॉक्टर पर मरीज की टांगें पकड़ने का भी आरोप लगाया। माहौल बिगड़ता देखकर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक किसी तरह से परिजनों को आईजीएमसी प्राचार्य के रूम में लेकर गए। यहां प्रशासन के साथ बंद कमरे में पूरे मामले को लेकर बातचीत हुई। उधर, एसएसपी संजीव गांधी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
मरीज ने पहले की बदतमीजी उधर, आरोपी डॉक्टर ने कहा कि मरीज ने पहले उसके साथ बदतमीजी की, फिर मैं आपा खो बैठा। इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने बताया कि सीएम के निर्देश पर जांच के लिए चेस्ट एंड टीबी विभागाध्यक्ष डॉ. मलय सरकार की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। रिपोर्ट आने पर चिकित्सक पर कार्रवाई होगी। चिकित्सक को सस्पेंड कर दिया है। एमएस ने कहा अभी तक वायरल वीडियो और मरीज एवं उसके तीमारदारों के बयान ही आए हैं। अभी चिकित्सक से बात की जानी है। एमएस ने कहा कि आरोपी डॉक्टर और मरीज एवं उसके तीमारदारों का ही मेडिकल हुआ है। पुलिस निष्पक्षता से जांच कर रही है। आरडीए के पदाधिकारी आरोपी को मिलने जरूर आए थे, जिस वजह से कुछ देर माहाैल खराब रहा।
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि आईजीएमसी में मरीज के साथ मारपीट के आरोपी डॉक्टर को तुरंत प्रभाव से काम से हटा दिया है। अनुशासन समिति ने मामले की जांच शुरू कर दी है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि कर्मचारी चाहे कांट्रेक्ट पर हो या नियमित नियमों के तहत ही काम करना जरूरी होता है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसके लिए नियमावली बनाई जाएगी। मरीजों के साथ डॉक्टरों का व्यवहार कैसा हो इसे लेकर सरकार एडवाइजरी जारी करेगी।


Author: Polkhol News Himachal









