
टौणी देवी: जहां बीमारी ठीक होनी थी, वहीं से फैल रही बदबू! फिर लीक हुआ सेप्टिक टैंक
टौणी देवी सिविल अस्पताल का सेप्टिक टैंक बना ‘जनता का परमानेंट मरीज’
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
जिस सिविल अस्पताल का काम लोगों को बीमारियों से बचाना है, वही अस्पताल इन दिनों बाजार में गंदगी फैलाकर बीमारियों को खुला न्यौता दे रहा है। टौणी देवी सिविल अस्पताल का सेप्टिक टैंक लंबे अरसे से लीक होकर अब “स्थाई जलधारा” का रूप ले चुका है।
वीरवार शाम से शुरू हुई यह ‘अविरल धारा’ शुक्रवार सुबह भी पूरे जोश में बहती रही। अस्पताल चौक से टपरे रोड की ओर बनी मार्किट के दुकानदारों को ऐसा लग रहा है मानो उन्होंने कारोबार नहीं, बल्कि किसी गंदगी महोत्सव में दुकानें खोल रखी हों।
जानकारी के मुताबिक सेप्टिक टैंक को कई बार खाली किया गया, मरम्मत भी हुई, लेकिन लीकेज ने हार मानने से साफ इनकार कर दिया। लगता है सेप्टिक टैंक ने भी ठान लिया है कि “जब तक बदबू फैलेगी, तब तक चैन नहीं लेंगे।”
विडंबना यह है कि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाला अस्पताल खुद बाजार को स्वास्थ्य जोखिम में डाल चुका है। दुकानदार नाक पर रुमाल बांधकर व्यापार करने को मजबूर हैं, जबकि ग्राहक दूरी बनाकर निकलने में ही भलाई समझ रहे हैं।
हालांकि बीएमओ टौणी देवी की ओर से हर बार ईमानदार प्रयास किए जाते हैं, लेकिन समस्या का स्थाई इलाज अब तक नहीं हो पाया। नतीजा यह है कि सेप्टिक टैंक तो लीक कर रहा है, पर सब्र का टैंक दुकानदारों का भर चुका है।
व्यापार मंडल टौणी देवी ने मांग की है कि इस सेप्टिक टैंक का जुगाड़ नहीं, स्थाई समाधान किया जाए। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी दर्ज करवाई गई है, ताकि कम से कम बदबू को सरकारी फाइलों तक ही सीमित किया जा सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस “बीमारी” का इलाज कब करता है, या फिर बाजार को अस्पताल के साथ-साथ फ्री इंफेक्शन ज़ोन घोषित कर दिया जाएगा।



Author: Polkhol News Himachal









