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माैसम ने बदली करवट, रोहतांग दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी

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माैसम ने बदली करवट, रोहतांग दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी

पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश की लाहाैल घाटी में माैसम ने लंबे अरसे बाद करवट बदली। सोमवार सुबह रोहतांग दर्रा सहित अन्य ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। जबकि कोकसर, ग्रांफू सहित चंद्र घाटी में बर्फ के फाहे गिरे हैं। वहीं, ताजा बर्फबारी के बाद घाटी ने सफेद चादर ओढ़ ली है। इससे क्षेत्र में शीतलहर तेज हो गई है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश के मंडी और बिलासपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिलासपुर के भाखड़ा बांध के जलाशय क्षेत्र के आसपास और मंडी की बल्ह घाटी में देररात और सुबह के समय घना कोहरा छाने का अनुमान है।

वहीं, माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में 13 दिसंबर तक माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 14 दिसंबर को ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस गिरावट की संभावना है, उसके बाद अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

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वहीं, लोक निर्माण विभाग आगामी बर्फबारी से निपटने के लिए योजना तैयार कर रहा है। दिसंबर के अंत या जनवरी महीने में बर्फबारी की संभावना रहती है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग तैयारियों में जुटा है। सड़कें बहाल करने के लिए 700 मशीनें लगाई जाएंगी। साथ ही 30 हजार फील्ड कर्मचारियों के अलावा मल्टी ट्रास्क वर्करों की भी सेवाएं ली जाएंगी। बंद होने की स्थिति में पहले राज्य मार्गों की सड़कों को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।

उसके बाद जिला व संपर्क मार्ग खोले जाएंगे। जिला चंबा, लाहौल स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी में सड़कों को बहाल करने के लिए टीमें गठित की जाएंगी। लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित होगा। इसमें जिला में बंद सड़कों की जानकारी दी जाएगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बर्फबारी से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग तैयारियों में जुटा है। राज्य मार्गों को अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में पंचायत स्तर तक चिट्टे का सेवन करने वालों और चिट्टा माफिया की मैपिंग पूरी कर ली गई है। हर गांव और पंचायत में नशा निवारण समितियां बनेंगी। बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में नया अध्याय शुरू किया जा रहा है। चिट्टे के खिलाफ यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक युद्ध है। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि 15 नवंबर को मुख्यमंत्री सुक्खू ने चिट्टे के खिलाफ इस मुहिम को व्यापक जन आंदोलन में बदलने की घोषणा की। यह मुहिम अब राज्य स्तर से होते हुए पंचायतों, गांवों और घर-घर तक पहुंच रही है। धर्मशाला के दाड़ी मैदान से पुलिस ग्राउंड तक वॉकथॉन में भी मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जो लोग चिट्टा बेचकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं, परिवार नष्ट करते हैं, उनके लिए देवभूमि हिमाचल में अब कोई जगह नहीं है। नशे के कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पिछले तीन वर्षों में पुलिस ने एनडीपीएस के 5642 मामले दर्ज किए हैं। 8216 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 36.657 किलोग्राम चिट्टा सहित भारी मात्रा में अन्य ड्रग्स बरामद की हैं।

 

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