
HRTC पेंशनरों को पेंशन देने की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने की सुनवाई……
पोल खोल न्यूज़ । शिमला
हिमाचल हाईकोर्ट ने एचआरटीसी पेंशनर्स को हर माह की पहली तारीख को पेंशन देने की मांग से जुड़ी याचिका में राज्य सरकार सहित एचआरटीसी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संदीप शर्मा ने अशोक पुरोहित व अन्यों द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद सभी प्रतिवादियों को जवाब दायर करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
बता दें कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने याचिका में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 83 का हवाला दिया है, जिसे 2021 के संशोधन के तहत अपडेट किया गया था । इस नियम के अनुसार पेंशन हर माह के पहले कार्य दिवस को जारी किया जाना अनिवार्य है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि एचआरटीसी को सरकारी पेंशनरों के

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यह उल्लेखनीय है कि 13 सितंबर 1995 को हिमाचल प्रदेश सरकार ने रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन अधिनियम, 1950 की धारा 34 के तहत एचआरटीसी कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना लागू की थी। यह योजना सीसीएस (पेंशन) नियम, 1972 के अनुरूप अपनाई गई थी और इसमें समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधन भी लागू होते हैं। 6 अक्टूबर 1995 को जारी अधिसूचना के अनुसार एचआरटीसी को पेंशन वितरण हेतु अलग पेंशन कोष बनाना था और निगम के वित्त सह-मुख्य लेखा अधिकारी को पेंशन भुगतान के लिए उत्तरदायी अधिकारी नियुक्त किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया है कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार पेंशन वितरण में देरी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन है और ऐसी देरी पर संबंधित विभाग को ब्याज सहित भुगतान करने का दायित्व हो सकता है। हाई कोर्ट ने एचआरटीसी को इस मामले में 13 नवंबर से पहले जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
Author: Polkhol News Himachal









