
कहीं विधानसभा उपचुनाव में भीतरघात की खीज का परिणाम तो नहीं हमीरपुर कांग्रेस की बैठक में हंगामा,
सुजानपुर, भोरंज और बड़सर में भी हलचल
रजनीश शर्मा । हमीरपुर
मुख्यमंत्री के गृह जिला मुख्यालय हमीरपुर की सीट कांग्रेस किन वजहों से हारी इस पर न तो अब तक मंथन हुआ और न ही दोषियों को इसकी सजा मिली। डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा को अंतिम समय में कांग्रेस के भीतरघात ने हराया इसमें कोई शक नहीं। इतनी फजीहत के बावजूद हमीरपुर सदर में कांग्रेसियों ने सबक नहीं सीखा और बुधवार को फिर हाथपाई पर उतर पूरे प्रदेश में अपनी फजीहत करवा डाली। ऐसी ही विस्फोटक स्थिति सुजानपुर , बड़सर और भोरंज विधानसभा क्षेत्र के पुराने कांग्रेसियों में भी बनती जा रही है। सरकार में उपेक्षित पुराने कांग्रेसी अब जागना शुरू हो गए हैं। देर से खुली नींद अब हंगामें खड़े करेगी। संगठन विहीन कांग्रेस के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बनती जा रही है।
आपको बता दें कि विकास पर चर्चा के लिए आए हमीरपुर रेस्ट हाउस में कांग्रेस की बैठक में कुछ कार्यकर्ता आपस में ही उलझ गए और उन्होंने जमकर हंगामा कर दिया। नौबत यहां तक आ पहुंची कि उन्हें बैठक के बाहर करना पड़ा। इस दौरान धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हो गई। गनीमत यह रही कि इसमें कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। यह सारा सीन कांग्रेस के जिम्मेवार लोगों के सामने हुआ । यहां काली भेड़ों को लेकर भी नारेबाजी हुई।
महत्वपूर्ण यह है कि बैठक में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ,पूर्व विधायक कुलदीप पठानीया हमीरपुर से पार्टी प्रत्याशी रहे डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील सहित काफी तादाद में वरिष्ठ और कनिष्ठ कार्यकर्ता पहुंचे हुए थे। बैठक जैसे ही शुरू हुई तो किसी बात को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया और यह हंगामा बैठक के बाहर रेस्ट हाउस के प्रांगण में भी धक्का-मुक्की में बदल गया।
बैठक की जानकारी नहीं : एडवोकेट रोहित

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हमीरपुर से विधानारभा चुनाव में प्रमुख दावेदार रहे एडवोकेट रोहित शर्मा का कहना था कि बैठक की उन्हें जानकारी, ही नहीं थीं। बैठक की कोई अगर जानकारी होती तो निश्चित रूप में वह भी बैठक में पहुंचते। ऐसी बैठकों में सभी कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ हों या कनिष्ठ, बुलाना चाहिए। तभी इनका महत्व सार्थक होगा।
जिम्मेदारियों का दायित्व समझें कार्यकर्ताः बिट्टू

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू जो इस बैठक में मौजूद थे , ने कहा कि कार्यकर्ता जिम्मेदारियों का दायित्व समझें । आने वाले विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण होंगे। क्योंकि सुक्खू को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि मुझे टिकट नहीं मिलता, केवल जिम्मेदारियां मिलती है और बेहतर तालमेल के साथ वे इन्हें मुकम्मल करने में कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं।
आम आदमी की पार्टी है कांग्रेस: कुलदीप पठानिया

पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया का कहना था कि हमीरपुर से भाजपा के दो बार मुख्यमंत्री बने। लेकिन बस अड्डा नहीं बना। काग्रेस आम आदमी की पार्टी है और और इस इसमें कार्यकर्ताओं को विजन और अनुशासन के साथ बैठक में आना चाहिए। आपस में टकराने या लड़ने की जरूरत नहीं समझानी चाहिए।
बेवजह खलल डालने पहुंचे कुछ कार्यकर्ताः सुनील कुमार
ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील कुमार का कहना था कि कार्यकर्ता अपनी बात रखने के लिए आए थे लेकिन कुछ ऐसे भी थे जो शायद बेवजह का खलल डालने के लिए पहुंचे थे। कांग्रेस से उनका वास्ता नहीं था। उन्हें बैठक से बाहर किया गया, उसके बाद बैठक शुरू हो गई और यह बैठक बेहतर तरीके से आयोजित हुई है।
सीएम ने वर्षों पुराने लटके कई प्रोजेक्ट्स किए शुरू: डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा

हमीरपुर सदर से दो बार पार्टी प्रत्याशी रहे डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा का कहना का था कि हमीरपुर में मुख्यमंत्री ने लटके हुए वर्षों पुराने कई प्रोजेक्ट्स को शुरू किया। कई नए शुरू किए। इससे बड़ी और कोई बात नहीं हो सकती, लेकिन कुछ लोगों ने अपने अंदाज में बैठक में अपनी बात रखने का प्रयास किया है। बैठक है उनकी बात पर अमल हुआ है।


Author: Polkhol News Himachal









