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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बीएड प्रशिक्षु अपनी पसंद के संस्थान में दे सकेंगे परीक्षा

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📰 हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बीएड प्रशिक्षु अपनी पसंद के संस्थान में दे सकेंगे परीक्षा

पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पटेल यूनिवर्सिटी मंडी से जुड़े बीएड संस्थान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षु अपनी पसंद के संस्थानों में परीक्षा दे सकते हैं और चाहें तो अपने पुराने संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकते हैं।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने राज्य सरकार सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 28 मई को होगी।


🎓 छात्रों को मिला विकल्प

अदालत ने प्रशिक्षुओं के हितों की रक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि
✔️ छात्र अपने वर्तमान संस्थान में पढ़ाई जारी रख सकते हैं
✔️ अपनी पसंद के परीक्षा केंद्र चुन सकते हैं

यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संबंधित सत्र सितंबर 2025 से पहले ही शुरू हो चुका है।


⚖️ NCTE के निर्णय पर उठा विवाद

दरअसल, एनसीटीई ने 2 फरवरी 2026 को संबंधित बीएड संस्थान की मान्यता रद्द कर दी थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने भी संबद्धता समाप्त कर दी। इसके चलते राज्य सरकार ने छात्रों को अन्य कॉलेजों में समायोजित करने का निर्णय लिया था।

हालांकि, छात्रों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दलील दी कि कानून के अनुसार मान्यता रद्द होने का प्रभाव अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होता है, न कि बीच सत्र में। अदालत ने इस पहलू को गंभीरता से लिया।


📢 सरकार को स्पष्ट निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि
✔️ मंडी और कुल्लू में परीक्षा दे रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो
✔️ छात्रों पर संस्थान बदलने का कोई दबाव न डाला जाए


🏥 मेडिकल कॉलेज भर्ती पर भी रोक

हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में बड़ा कदम उठाते हुए नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एनेस्थीसिया प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है।


⚠️ नियुक्ति नीति पर उठे सवाल

सरकार द्वारा सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को अनुबंध आधार पर नियुक्त करने की नीति को अदालत में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह नीति मौजूदा भर्ती नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे योग्य डॉक्टरों के प्रमोशन के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।


💰 रिटायर प्रोफेसरों को मिलेगा 2.50 लाख मानदेय

सरकार की इस नीति के तहत सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को
👉 करीब 2.50 लाख रुपये फिक्स्ड मानदेय दिया जा रहा है
👉 नियुक्तियां नाहन, नेरचौक, हमीरपुर और चंबा मेडिकल कॉलेजों में प्रस्तावित हैं

मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।


📌 इन्फो बॉक्स

📍 स्थान: हिमाचल प्रदेश
⚖️ अदालत: हाईकोर्ट
🎓 मामला: बीएड प्रशिक्षुओं का भविष्य
📅 अगली सुनवाई: 28 मई
✔️ राहत: छात्र अपनी पसंद से परीक्षा दे सकेंगे
🏥 अन्य मामला: नेरचौक मेडिकल कॉलेज भर्ती
कार्रवाई: एनेस्थीसिया प्रोफेसर नियुक्ति पर रोक
💰 मानदेय: 2.50 लाख रुपये (रिटायर प्रोफेसर)
📅 अगली सुनवाई (भर्ती मामला): 21 अप्रैल

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