
🗳️ अवैध कब्जाधारियों पर सख्ती: 1.60 लाख लोग पंचायत चुनाव से बाहर
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए अवैध कब्जाधारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। करीब 1.60 लाख ऐसे लोग और उनके परिवार इस बार पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा होने की स्वघोषणा पहले ही दे रखी है।
साल 2003 में अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए इन परिवारों ने सरकार को स्वयं अपने दस्तावेज सौंपे थे। अब इन्हीं रिकॉर्ड्स के आधार पर चुनाव प्रक्रिया में सख्ती बरती जा रही है।

📋 नामांकन में सख्त सत्यापन प्रक्रिया लागू
चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अब नामांकन के समय स्वयं-सत्यापन (Self Verification) फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इस फॉर्म में पांच अहम बिंदु शामिल होंगे:
- चिट्टे (नशा) में संलिप्तता
- सहकारी बैंक से डिफॉल्टर होना
- लंबित ऑडिट रिकवरी
- सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा
- अन्य कानूनी देनदारियां
यदि किसी भी बिंदु पर गलत जानकारी दी गई या संलिप्तता पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई होगी। यहां तक कि जीतने के बाद भी जनप्रतिनिधि की कुर्सी छीनी जा सकती है।
⚠️ 200 पूर्व जनप्रतिनिधि भी चुनाव से बाहर
राज्य में करीब 200 पूर्व जनप्रतिनिधि और उनके परिवार भी इस बार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इन पर आरोप हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान:
- सरकारी भूमि पर कब्जा किया
- पंचायत कार्यों में अनियमितताएं बरतीं
- पद का दुरुपयोग किया
जांच के बाद अब इन्हें चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की तैयारी है।
🗓️ चुनाव कार्यक्रम और तैयारियां
- 3757 पंचायतों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी
- 20 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा
- 31 मई से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी
जिला प्रशासन और पंचायतीराज विभाग ने सभी जरूरी दस्तावेज आयोग को सौंप दिए हैं।
🚨 आचार संहिता का सख्ती से पालन
राज्य निर्वाचन आयोग ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि:
- मतदाता सूची में कोई त्रुटि न हो
- मतदान केंद्रों की तैयारी पूरी हो
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो
- आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाए
🆕 नए चेहरों को मिलेगा मौका
सख्त नियमों के चलते इस बार पंचायत चुनाव में नए उम्मीदवारों के लिए अवसर बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।

📦 इन्फो बॉक्स
- ❌ 1.60 लाख लोग और उनके परिवार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
- 📄 2003 में दी गई स्वघोषणा बनेगी आधार
- 📝 नामांकन में अनिवार्य सेल्फ-वेरिफिकेशन फॉर्म
- ⚖️ गलत जानकारी पर सख्त कार्रवाई, जीत के बाद भी हटाया जा सकता है
- 🚫 200 पूर्व जनप्रतिनिधि भी चुनाव से बाहर
- 🗓️ 20 अप्रैल: चुनाव शेड्यूल जारी
- 🗳️ 31 मई से पहले पूरे प्रदेश में चुनाव सम्पन्न
Author: Polkhol News Himachal









