
🧱 हिमाचल में महंगाई की मार: ईंट के दाम बढ़े, अप्रैल से सीमेंट भी होगा महंगा
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश में निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के लिए बुरी खबर है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब राज्य में भी दिखने लगा है। ईंटों के दाम में प्रति ईंट 2 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है, जिससे मकान, होटल और अन्य भवनों के निर्माण की लागत बढ़ना तय है।
राज्य में ईंटों का उत्पादन सीमित होने के कारण यहां पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सप्लाई पर निर्भरता अधिक है। ऐसे में बाहर से आने वाली ईंटों के महंगे होने का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है।
🔥 कोयले के दाम में भारी उछाल
ईंट भट्ठों में इस्तेमाल होने वाले कोयले की कीमतों में अचानक तेज वृद्धि हुई है। पहले कोयला 10 से 13 हजार रुपये प्रति टन के बीच मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 30 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गया है। यह कोयला मुख्य रूप से अमेरिका, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका से आयात किया जाता है। लागत बढ़ने के कारण ईंट निर्माताओं ने दाम बढ़ा दिए हैं।
🚜 निर्माण लागत पर सीधा असर
सप्लायर्स के अनुसार, प्रति ईंट 2 रुपये बढ़ने से एक ट्रैक्टर ईंटों की कीमत लगभग 2,000 रुपये तक बढ़ गई है। इससे घर बनाने वालों को 30 से 40 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
🏗️ अप्रैल से सीमेंट भी महंगा
ईंटों के बाद अब सीमेंट के दाम बढ़ने की भी संभावना है। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही अप्रैल के पहले सप्ताह से सीमेंट की कीमतों में करीब 40 रुपये प्रति बैग तक बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल सीमेंट के दाम लगभग 440 रुपये प्रति बैग हैं, जो बढ़कर 480 रुपये तक पहुंच सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो एक सामान्य मकान निर्माण में 20,000 से 25,000 रुपये तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
🚛 तेल कीमतों का भी असर
विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ गई है, जिसका असर सीधे निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ रहा है।
Author: Polkhol News Himachal








