best news portal development company in india

Himachal: बिना अनुमति पंचायतों के पुनर्गठन और अधिसूचनाओं पर हाईकोर्ट की रोक

SHARE:

Himachal: बिना अनुमति पंचायतों के पुनर्गठन और अधिसूचनाओं पर हाईकोर्ट की रोक

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायतों के विभाजन, सृजन और पुनर्गठन से जुड़े उन सभी ड्राफ्ट प्रस्तावों और अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी है, जिन्हें राज्य चुनाव आयोग से छूट प्राप्त नहीं थी। वहीं, न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने उन सभी नए प्रस्तावों पर रोक लगा दी है जो 13 फरवरी 2026 के बाद शुरू किए गए। अदालत ने महिला मंडल ग्राम घुरत मामले में यह अंतरिम आदेश जारी किया है।

वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना और आदर्श चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों के तहत बिना राज्य चुनाव आयोग की मंजूरी के ऐसी कोई भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती थी। अदालत ने आदेश दिया कि जो प्रस्ताव 13 फरवरी 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तिथि तक लंबित नहीं थे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उसके बाद की ऐसी सभी अधिसूचनाओं को तब तक अस्तित्वहीन माना जाए जब तक कि चुनाव आयोग उन्हें विशेष छूट प्रदान न कर दे।

ये भी पढ़ें: पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई, सेस से जुड़ा बिल अभी तक कानून नहीं बना : सीएम

प्रतिवादी राज्य चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि आयोग ने अब तक पंचायतों के पुनर्गठन से जुड़े ऐसे 53 मामलों की सूची तैयार की है, जिनमें सरकार के अनुरोध पर 17 नवंबर 2025 की अधिसूचना से छूट दी गई है। चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243 के और 243 जैड ए के तहत अपनी शक्तियों का हवाला दिया है। राज्य सरकार ने मामले में अदालत से विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने सरकार को 28 मार्च तक चुनाव आयोग से आवश्यक अनुमति लेने या निर्णय लेने का अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now