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एक लाख महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये, 300 यूनिट फ्री बिजली का भी एलान

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एक लाख महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये, 300 यूनिट फ्री बिजली का भी एलान

 

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश का वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे हैं। प्रतिकूल आर्थिक हालात और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच यह बजट खास रहेगा। वहीं, सीएम के विपक्ष पर टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के लगातार हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवावही 11:30 बजे तक स्थगित कर दी। विस अध्यक्ष ने सभी से आग्रह किया शांति से बैठ कर बजट सुने।

सीएम ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तीसरे चरण की घोषणा की। 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। एक लाख महिलाओं को निधि दी जाएगी। जो मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना में शामिल होंगी, इन परिवारों को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली।

शिक्षा विभाग को 9660 करोड़ रुपये के बजट का एलान किया। 75 से कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय के कॉलेज में दाखिला लेने पर 5 हजार का स्टाइपेंड मिलेगा। कॉलेजो में सेमेस्टर सिस्टम शुरू होगा। हमीरपुर में साइंस व गुलेर में फाइन आर्ट कॉलेज खुलेगा। कॉलेज में मल्टीपल एंट्री व एक्सिट कार्यक्रम शुरू होगा। अगले साल 150 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता दिलाई जाएगी।

सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 11 करोड़ पर्यटकों का आगमन रिकॉर्ड किया गया है। हिमाचल प्रदेश में डिजिटल पर्यटन इंटेलिजेंस सिस्टम डेवलप करने का प्रस्ताव लाया।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार हिमाचल प्रदेश में जलाशयों की मछलियों के लिए MSP ₹100 प्रति किलो करने की घोषणा की है। मछली की नीलामी ₹100 से कम होने पर ₹20 तक का अनुदान डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। जलाशयों से पकड़ी गई मछलियों की रॉयल्टी दर 7 फ़ीसदी से घटाकर 1 फ़ीसदी करने की घोषणा।हिमाचल प्रदेश में 100 नई ट्राउट इकाइयां स्थापित की जाएगी।

बरसात के मौसम में मछुआरों को 3501 रुपये की एक मुश्त सम्मान निधि की घोषणा की है। मछली पकड़ने के लिए जल पर 90% तक का अनुदान डीबीटी के माध्यम से मिलेगा। प्रदेश में मछुआरों को नाव की खरीद कर 70 फ़ीसदी का अनुदान डीबीटी के माध्यम से देने की घोषणा की है।

हमीरपुर में एक्वा पार्क

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में 25 करोड़ की लागत से एक्वा पार्क बनाने की घोषणा की है।

पोल्ट्री फार्म पर सब्सिडी

पोल्ट्री फार्म को विकसित करने के लिए उड़ान योजना के तहत पीपीपी मोड पर विकसित करने का प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रत्येक पोल्ट्री फार्म यूनिट को भूमि पर 30% की सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए अलावा बैंक सहायता में भी सब्सिडी की घोषणा।

प्राकृतिक फसल को दाम

प्राकृतिक गेहूं को 60 से बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की 40 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो ग्राम खरीदी जाएगी। इसके अलावा हल्दी का समर्थन मूल्य ₹90 से बढ़कर ₹150 प्रति किलोग्राम किया जाएगा। अदरक का समर्थन मूल्य को पहली बार 30 रुपए प्रति किलो प्रदान।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की ओर कदम बढ़ाया है। गाय व भैंस के दूध में 10 रुपये की बढ़ोतरी के साथ गद्दी समुदाय के लिए 300 करोड़ रुपये की पहल स्कीम की घोषणा की है। चरवाहों को मिलेगा डिजिटल कार्ड, जिसमें सारा रिकॉर्ड होग।

दूध का मूल्य बढ़ाया

सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दूध खरीद 4 करोड़ लीटर से 8 करोड़ लीटर हो गई है। सीएम ने किसानों को सौगात देते हुए गाय के दूध का मूल्य 51 से बढ़ाकर 61 रुपये किया। भैंस के दूध का मूल्य 61 से 71 रुपये किया, प्रति लीटर 10 रुपये की वृद्धि की है।

बजट का आकार कम किया

सीएम ने कहा कि बजट के आकार को कम करना पड़ रहा है, जो 58,000 करोड़ से अधिक था, अब 54928 करोड़ का बजट है। 2026- 2027 के कुल बजट का आकार 3586 करोड़ रुपये कम किया गया। यह पहली बार है जब बजट का आकार बढ़ाने के स्थान पर कम किया गया है।

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300 अधूरे कार्यों के लिए 500 करोड़

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में जनहित से जुड़े 300 परियोजनाओं का चयन किया गया है। यह वह परियोजनाएं हैं, जिनका काम 70 फीसदी पूरा हो चुका है। उन्हें इसी वर्ष में जल्द पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्राविधान।

गारंटियां पूरी होंगी

युवाओं के स्वरोजगार के लिए 650 करोड़ रुपये के राजीव गांधी स्टार्टअप योजना की शुरुआत की गई। सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम शुरू किया, प्रदेश की महिलाओं को चरणों तरीके से ₹15 प्रति महीना देने की शुरुआत की आरडीजी बंद होने से इन फ़ैसलों को बदल दिया जाएगा तो इस बजट के माध्यम से मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि हम अपनी सभी घोषणाओं और 10  गारंटियों को 100% पूर्ण करेंगे।

व्यर्थ के संस्थानों को बंद करना होगा

साधनों के सही इस्तेमाल का समय है। व्यर्थ के संस्थानों को बंद करना होगा। केंद्र से मिलने वाला पैसा कोई ग्रांट नहीं, बल्कि 50 सालों के लिए मिलने वाला लोन है। यानी प्रदेश को और अधिक भार तले डालने का काम होगा।

वन के बदले ग्रीन बोनस मिलना चाहिए

सीएम ने कहा कि कुछ लोग हिमाचल की तुलना उत्तराखंड व असम से करते हैं, दोनों राज्यों का बड़ा क्षेत्र मैदानी है। हमें वन के बदले ग्रीन बोनस मिलना चाहिए था, पानी का मूल्य कोयले की तरह मिले, रायल्टी के नाम पर ठगा जा रहा, शानन वापस नहीं दिया जा रहा। जीएसटी में भी भेदभाव किया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश के जो बिजली प्रोजेक्ट 40 साल पूरे कर चुके हैं, जो फ्री हो चुके हैं, उन्हें भी हिमाचल को वापस नहीं किया जा रहा है।

निलंबन प्रस्ताव लाओ

आज तक के इतिहास में पहली बार हुआ है जब बजट के शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी है। नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। सीएम ने कहा कि रेवेन्यू सरप्लस हो ही नहीं सकता। इसके कारण हैं पहाड़ी राज्य होने के नाते साधन सीमित हैं।

लगातार जारी हंगामे पर मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे नहीं चलेगा निलंबन का प्रस्ताव लाओ।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले कह रहे हैं कि अधिकारियों ने बजट बनाने में सहयोग किया, अब कह रहे हैं बजट मैंने बनाया।

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शब्द बजट बुक से हटाया

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जिस शब्द से नेता प्रतिपक्ष आहत हुए उसे बजट बुक व कार्रवाई से निकाल दिया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास नारेबाजी

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुझे खेद है, सभी को बोलने का बराबर मौका दिया जा रहा है। किसी शब्द से आपत्ति है तो उसका तरीका है। भाजपा सदस्य दोबारा सदन में पहुंचे, कहा कि जब सदन को स्थगित कर दिया है तो कैसे सदन चल रहा है। सभी भाजपा विधायक अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

सीएम की टिप्पणी पर घमासान

सीएम सुक्खू ने कहा कि विकट परिस्थिति में विपक्ष ने सरकार का साथ नहीं दिया, उन पर टिप्पणी की, इस पर हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष ने खड़े होकर आपत्ति जताई। सभी वेल में आकर नारेबाजी करना शुरू कर दिया है। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया है।

वहीं, भाजपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी करना शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह किया और उन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने इन शब्दों को बजट भाषण में लिखा।

दुनिया युद्ध के मुंह पर खड़ी

सीएम ने कहा कि विश्व में हालात ठीक नहीं हैं। इस कारण पेट्रोल डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। आज दुनिया तीसरे महायुद्ध के मुंह पर खड़ी है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। महंगाई बढ़ रही है। गरीब लोगों को घर चलाना मुश्किल होगा

11:04 बजे बजट पढ़ना किया शुरू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 11:04 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। सीएम सुक्खू ने कहा कि ऐसे समय में बजट पेश किया जा रहा, जब आरजीडी को बंद किया गया। मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं। मेरी रात को नींद टूट जाती थी कि कैसे जनकल्याण किया जाएगा। 8 से 10 दिन सभी ने बजट बनाने की मदद की।

आरडीजी बंद होने के बाद पहला बजट

यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब पहली अप्रैल से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने जा रहा है। ऐसे में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए वित्तीय संसाधन जुटाने की होगी। आय बढ़ाने के नए विकल्प और खर्चों के संतुलन पर विशेष ध्यान रहेगा।

बजट से उम्मीदें, सरकार का 7 क्षेत्रों पर जोर

बजट से विधायक, कर्मचारी, पेंशनर, श्रमिक और आम जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि विकास के सात प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और डाटा स्टोरेज शामिल हैं। बजट में इन क्षेत्रों के लिए ठोस घोषणाएं हो सकती हैं।

एक लाख करोड़ से अधिक का लोन

प्रदेश पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण है। हर माह वेतन, पेंशन और अन्य देनदारियों के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ती है। यही कारण है कि सरकार को विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन साधना होगा।

गत वित्त वर्ष का बजट

पिछले वर्ष 58,514 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। मौजूदा परिस्थितियों को देख इस बार भी बजट का आकार इसी के आसपास रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार देर रात तक अधिकारियों के साथ बजट मसौदे पर मंथन किया और भाषण को अंतिम रूप दिया।

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