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डंके की चोट पर : पीलिया का कहर,  जमली खड्ड प्रदूषण पर सवाल, एक माह बाद भी दोषी बेनकाब नहीं

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डंके की चोट पर : पीलिया का कहर,  जमली खड्ड प्रदूषण पर सवाल, एक माह बाद भी दोषी बेनकाब नहीं


🟡 हमीरपुर में पीलिया फैलने से दहशत का माहौल

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

हमीरपुर शहर के साथ लगते गांवों में पीलिया के लगातार बढ़ते मामलों ने लोगों में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। बीते एक महीने में कई लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है। ग्रामीणों में साफ पानी को लेकर असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।


🟡 जमली खड्ड बना संक्रमण का मुख्य स्रोत

स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेयजल योजना का मुख्य स्रोत जमली खड्ड दूषित हो चुका है। गंदगी, सीवरेज और बाहरी प्रदूषण के कारण खड्ड का पानी संक्रमित पाया गया, जिससे पीलिया फैलने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि खड्ड को प्रदूषित करने के पीछे कौन जिम्मेदार है।


🟡 दोषियों की पहचान पर बना सस्पेंस

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जमली खड्ड को गंदा करने वाले लोग या संस्थान कौन हैं। जांच एजेंसियों और विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते अब तक किसी भी दोषी की पहचान नहीं हो पाई है। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि इतने गंभीर मामले में भी जिम्मेदारों पर शिकंजा नहीं कसा गया।


🟡 एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं, विभागों की भूमिका पर सवाल

18 फरवरी को पहला मामला सामने आने के बाद एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक न तो स्पष्ट रिपोर्ट सामने आई है और न ही किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की गई है। जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्टों में भी विरोधाभास देखने को मिला है, जिससे स्थिति और उलझ गई है।


🟡 डीसी ने की समीक्षा बैठक, दिए सख्त निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त हमीरपुर ने समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, टैंकों की सफाई और जल स्रोतों की निगरानी के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागों को समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।


🟡 भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने उठाया मुद्दा

मामले को लेकर भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से डीसी हमीरपुर को दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे।


🟡 ग्रामीणों में रोष, पारदर्शिता की मांग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे मामले दोबारा हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता और समयबद्ध जांच की मांग की है।


📌 इन्फो बॉक्स

🔸 पहला मामला सामने आया: 18 फरवरी
🔸 मुख्य कारण: दूषित पेयजल (जमली खड्ड)
🔸 प्रभावित क्षेत्र: हमीरपुर शहर के साथ लगते गांव
🔸 अब तक स्थिति: 1 माह बाद भी दोषी अज्ञात
🔸 विभाग शामिल: जल शक्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

🔸 राजनीतिक प्रतिक्रिया: विधायक आशीष शर्मा ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
🔸 मुख्य मांग: दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई


👉 निष्कर्ष:
पीलिया जैसे गंभीर संक्रमण के मामले में एक माह बाद भी कार्रवाई न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर कब तक दोषियों की पहचान कर उन्हें सजा दी जाएगी।

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