

शिक्षकों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध के हटने के बाद भी नहीं किए जाएंगे बड़े पैमाने पर सामान्य तबादले
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में एक साल से शिक्षकों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध के हटने के बाद भी इस बार बड़े पैमाने पर सामान्य तबादले नहीं किए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि केवल अत्यावश्यक मामलों में ही तबादलों के आदेश जारी किए जाएंगे। बता दें कि अप्रैल के पहले सप्ताह में तबादलों पर लगा बैन हटाया जाएगा, जिसके बाद 15 अप्रैल तक शिक्षकों से तबादले के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग का फोकस इस बार स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता संतुलित करने पर रहेगा।
जिन स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी है या जहां एक ही विषय के अधिक शिक्षक तैनात हैं, वहां आवश्यकतानुसार समायोजन किया जाएगा। सामान्य तबादलों के बजाय जरूरत आधारित स्थानांतरण को प्राथमिकता देने की तैयारी की जा रही है। दरअसल, प्रदेश में चयनित सीबीएसई पैटर्न वाले स्कूलों में शिक्षकों की नई नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। इसके चलते शिक्षा विभाग बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादले करने की योजना बना रहा है।
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इसके तहत 145 चयनित स्कूलों से पुराना स्टाफ हटाकर शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर की जाएगी। इन स्कूलों में पहले से कार्यरत शिक्षकों को आवश्यकता वाले अन्य सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे जहां सीबीएसई स्कूलों में नई व्यवस्था लागू करने में सुविधा होगी, वहीं दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी पूरी की जा सकेगी। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी और आवश्यकता आधारित बनाया जाएगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला और राज्य स्तर पर स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर स्थानांतरण आदेश जारी होंगे।
सरकार ने प्रदेश के प्रमुख 145 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाने के लिए चुना है। इन स्कूलों में विभिन्न विषयों के 5600 शिक्षकों की नियुक्तियां होंगी। वर्तमान में जो शिक्षक यहां पढ़ा रहे हैं, उनसे चयन परीक्षा पास नहीं हुई तो बड़े स्तर पर तबादलों का दौर चलेगा। परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। ऐसी स्थिति में इन शिक्षकों की ओर से अपनी एडजस्टमेंट के लिए साथ लगते स्कूलों के शिक्षकों को स्थानांतरित करने के लिए राजनीतिक दबाव भी बनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले एक माह के दौरान प्रदेश में बड़े स्तर पर शिक्षण संस्थानों में स्टाफ बदलने की तैयारी है।

Author: Polkhol News Himachal









