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बसों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा सरकाघाट डिपो, 28 चालक कम होने से बस संचालन में परेशानी

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बसों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा सरकाघाट डिपो, 28 चालक कम होने से बस संचालन में परेशानी

पोल खोल न्यूज । सरकाघाट 

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का सरकाघाट डिपो इन दिनों बसों और स्टाफ की भारी कमी के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपो में चालकों, परिचालकों और कार्यशाला कर्मचारियों की कमी के चलते परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही।

रूट ज्यादा, बसें कम

सरकाघाट डिपो के अधीन कुल 79 रूट आते हैं। इनमें 69 लोकल रूट, दो राज्य स्तरीय रूट और दिल्ली सहित आठ लंबी दूरी के रूट शामिल हैं।
इन रूटों पर सेवाएं सुचारू रखने के लिए पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान में डिपो में केवल 68 बसें ही संचालित हो रही हैं, जिनमें से 48 बसें डिपो की अपनी हैं, जबकि 20 बसें जेनयुग्राम योजना के तहत मिली हैं। बसों की कमी के कारण कई रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।

चालकों की भारी कमी

डिपो को सुचारू रूप से चलाने के लिए 106 चालकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 78 चालक ही कार्यरत हैं।
यानी 28 चालकों की कमी है। इसी कारण कई चालकों को पर्याप्त विश्राम के बिना ही दूसरी ड्यूटी करनी पड़ रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।

कई बसें खराब हालत में

जानकारी के अनुसार करीब 38 बसों की हालत खराब बताई जा रही है। उनकी मरम्मत पर आने वाला खर्च कई बार उनकी आय से भी ज्यादा पड़ रहा है।
इसके अलावा तीन बसें अपनी 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुकी हैं, लेकिन मजबूरी में अभी भी उन्हें सड़कों पर चलाया जा रहा है।

टूटी सड़कों से भी बढ़ी समस्या

स्थानीय चालकों का कहना है कि 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण सरकाघाट, धर्मपुर और बलद्वाड़ा क्षेत्र की कई सड़कें अभी तक पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई हैं।
खराब सड़कों के कारण पहले जो सफर मिनटों में तय हो जाता था, अब उसमें कई बार घंटों लग रहे हैं। इन परिस्थितियों में दो बड़े हादसे भी हो चुके हैं, जिससे चालक और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ गई है।


इन्फो बॉक्स

  • कुल रूट: 79
  • संचालित बसें: 68
  • आवश्यक चालक: 106

  • कार्यरत चालक: 78
  • चालकों की कमी: 28
  • वर्कशॉप में स्वीकृत पद: 58
  • खाली पद: 27

क्या कहते हैं अधिकारी

क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार धीमान का कहना है कि स्टाफ और बसों की कमी के कारण दूरदराज के इलाकों में बस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है और स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जा रहा है।

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