

NHAI प्रोजेक्ट में 10 लाख की रिश्वत मांगने का मामला, परियोजना निदेशक समेत दो पर FIR
शिमला में सीबीआई ने दर्ज किया केस, पेट्रोल पंप को एनओसी देने के बदले मांगी गई रिश्वत; आर्किटेक्ट मुख्य आरोपी
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े एक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एनएचएआई के एक परियोजना निदेशक और एक आर्किटेक्ट के खिलाफ 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायत के आधार पर शिमला में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पेट्रोल पंप एनओसी के बदले मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए एनओसी जारी करने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। आरोप है कि एनएचएआई पालमपुर के परियोजना निदेशक विकास सुरेन्द्रवाला और चंडीगढ़ की एक आर्किटेक्ट सीमा ने यह मांग रखी।
निरीक्षण के दौरान बंद करने की दी धमकी
शिकायत में बताया गया है कि जनवरी 2026 में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कथित तौर पर पेट्रोल पंप को बंद करवाने की धमकी दी। इसके बाद एक्सेस परमिशन देने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की गई।
पहली किस्त के रूप में 5 लाख लेने की सहमति
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 6 मार्च 2026 को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये लेने पर सहमति बनी थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव बनाने के लिए पेट्रोल पंप के सामने लगभग 28 मीटर तक जमीन खुदवा दी गई और ईंधन आपूर्ति रोकने की धमकी दी गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एडिशनल एसपी सुनीत कुमार पाल को सौंपी गई है।
इन्फो बॉक्स
- मामला: रिश्वत मांगने का आरोप
- राशि: 10 लाख रुपये
- आरोपी: एनएचएआई परियोजना निदेशक व आर्किटेक्ट
- स्थान: नूरपुर (कांगड़ा) / शिमला
- जांच एजेंसी: सीबीआई
- कानून: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018
Author: Polkhol News Himachal









