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सरकारी CBSE स्कूलों के नियमों पर यूटर्न, फिलहाल नहीं बदलेगी वर्दी

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सरकारी CBSE स्कूलों के नियमों पर यूटर्न, फिलहाल नहीं बदलेगी वर्दी

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ड्रेस कोड और विद्यार्थियों की वर्दी को लेकर सरकार ने यू-टर्न ले लिया है। फिलहाल इन स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र वर्दी नहीं मिलेगी। बता दें कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 सत्र अब नई व्यवस्था लागू हो सकती है। भवन रंग योजना पर भी निर्णय लंबित है। सोमवार को इस असमंजस की स्थिति पर शिक्षा निदेशालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्कूलों में पहले से लागू वर्दी और ड्रेस कोड ही जारी रहेगा। नई व्यवस्था पर निर्णय बाद में लिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई फील्ड कार्यालयों से यह पूछा जा रहा था कि क्या शिक्षकों का नया ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की नई वर्दी और स्कूल भवनों की रंग योजना सत्र 2026-27 से लागू होगी। इस पर विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

जिला उपनिदेशकों और स्कूल प्रिंसिपलों को जारी निर्देशों के अनुसार शिक्षकों के ड्रेस कोड और विद्यार्थियों की वर्दी को अंतिम रूप तकनीकी शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) जैसी उपयुक्त एजेंसियों से परामर्श के बाद दिया जाएगा। इसके बाद नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू की जा सकती है। उधर, इस निर्णय को सरकार के स्तर पर नीति तैयार न हो पाने और तैयारियों में देरी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कक्षाएं दो शिफ्टों में लग सकेंगी। इसके लिए निदेशालय ने शर्तें की तय की हैं। यह एक अस्थायी व्यवस्था होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय के अनुसार राज्य भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध कई सरकारी स्कूलों में चल रही दाखिला प्रक्रिया के दौरान नामांकन में काफी वृद्धि हुई है। राज्य में सीबीएसई से जुड़े ऐसे सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को खास और अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर तुरंत प्रभाव से अगले आदेश तक सशर्त दो शिफ्ट में काम करने की इजाजत होगी।

बता दें कि ऐसे मामलों में जहां आसपास के सरकारी स्कूलों के डाउनग्रेड होने, मर्ज होने या बंद होने की वजह से जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो जाता है या बिना किराये की जगह या दूसरे सरकारी भवन या दूसरा सही सार्वजनिक आधारभूत संरचना होने पर संबंधित प्रिंसिपल निदेशालय से सलाह करके सीबीएसई नियमों के अनुसार स्कूल के सेक्शन या प्राइमरी, मिडिल या सेकेंडरी विंग को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यदि ये दो ऑप्शन मुमकिन हैं तो स्कूल दो शिफ्ट में कक्षाएं चलाएगा। दोनों शिफ्ट के बीच काफी टाइम गैप सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से निर्देशों में साफ किया गया है कि संबंधित प्रिंसिपल शर्तों को असरदार तरीके से लागू करने, लगातार निगरानी, सख्ती से पालन करने के लिए जिम्मेदार होंगे।


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