

🔥 बड़ी उपलब्धि: फोरलेन से शिमला–बिलासपुर की दूरी होगी कम, 20 किमी की होगी बचत
पोल खोल न्यूज| शिमला

राजधानी शिमला से बिलासपुर के बीच सफर अब और आसान होने जा रहा है। शिमला–मटौर नेशनल हाईवे कॉरिडोर के तहत बिलासपुर के नोणी चौक से शालाघाट तक फोरलेन निर्माण कार्य तेज गति से शुरू कर दिया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
🛣️ 20 किलोमीटर घटेगी दूरी
फोरलेन निर्माण पूरा होने के बाद शिमला से बिलासपुर की दूरी लगभग 20 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। वर्तमान में यह दूरी करीब 49.40 किलोमीटर है, जबकि नए फोरलेन मार्ग के बनने के बाद यह घटकर लगभग 29.65 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रियों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
🚧 दो चरणों में हो रहा निर्माण
परियोजना के तहत 29.65 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। एनएचएआई द्वारा इस कार्य को अलग-अलग खंडों में विभाजित कर कंपनियों को सौंपा गया है। नोणी चौक से सुरंग निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे सड़क की ढाल और घुमाव कम होंगे तथा सफर और सुरक्षित बनेगा।
🏗️ डीपीआर के बाद बढ़ेगा दायरा
फिलहाल नोणी चौक से शालाघाट तक के हिस्से में निर्माण कार्य आरंभ हुआ है। आगामी चरण में शालाघाट से शिमला तक के हिस्से के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के बाद इस भाग में भी निर्माण कार्य शुरू होगा।
🌄 पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
फोरलेन बनने से न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। हिमाचल की राजधानी तक पहुंच आसान होने से बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी सुविधा होगी।
📦 इन्फो बॉक्स
🔹 परियोजना का नाम: शिमला–मटौर नेशनल हाईवे फोरलेन
🔹 निर्माण एजेंसी: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI)
🔹 प्रारंभिक खंड: नोणी चौक से शालाघाट
🔹 कुल लंबाई (पहला चरण): 29.65 किलोमीटर
🔹 मौजूदा दूरी: 49.40 किलोमीटर
🔹 दूरी में कमी: लगभग 19.75–20 किलोमीटर
🔹 मुख्य लाभ: समय और ईंधन की बचत, सुरक्षित एवं सुगम सफर

Author: Polkhol News Himachal









