

बदलते मौसम का कहर: हमीरपुर में ओपीडी 300 से 500 पहुंची, बुखार-खांसी के मरीजों की बढ़ी भीड़
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

हमीरपुर जिला मुख्यालय में बीते एक सप्ताह से मौसम लगातार बदल रहा है। सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्मी के कारण लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है, जिसका असर अस्पतालों में साफ दिखाई दे रहा है।
ओपीडी में 300 से बढ़कर 500 मरीज
मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर की ओपीडी में औसतन 500 मरीज सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, गले में खराश और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर आ रहे हैं। हालांकि गंभीर अवस्था में ही रोगी को एडमिट किया जा रहा अन्यथा अधिकतर दवाई लेकर घर जाकर आराम कर रहे हैं।
खांसी और वायरल बुखार के मामले ज्यादा
डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में खांसी और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई मरीजों में संक्रमण ठीक होने में 5 से 7 दिन का समय लग रहा है, जबकि खांसी दो सप्ताह तक बनी रह सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक देखा जा रहा है।
चिकित्सकों की सलाह: लापरवाही न करें
चिकित्सकों का कहना है कि लोग सुबह-शाम की ठंड को नजरअंदाज कर हल्के कपड़े पहन रहे हैं, जिससे सर्द-गर्म की स्थिति बन रही है। खान-पान में लापरवाही और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन भी बीमारी बढ़ा रहा है। डॉक्टरों ने समय पर जांच और उपचार कराने की सलाह दी है।
बदलते मौसम में एहतियात: क्या करें, क्या न करें
क्या करें
- लेयरिंग अपनाएं – सुबह-शाम हल्की जैकेट या स्वेटर जरूर पहनें।
- गुनगुना पानी पिएं – ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें।
- हाथों की स्वच्छता रखें – साबुन से बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- मास्क का उपयोग करें – खांसी-जुकाम होने पर भीड़ में मास्क पहनें।
- इम्यूनिटी बढ़ाएं – आंवला, हल्दी वाला दूध, हरी सब्जियां और मौसमी फल खाएं।
- पर्याप्त नींद लें – 7-8 घंटे की नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है।
क्या न करें
- सुबह-शाम की ठंडी हवा में बिना गर्म कपड़ों के बाहर न निकलें।
- ठंडी चीजें, आइसक्रीम और फास्ट फूड का अधिक सेवन न करें।
- खांसी-बुखार को नजरअंदाज न करें, स्वयं दवा लेने से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर बिना सुरक्षा के न जाएं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानी
- बच्चों को स्कूल भेजते समय हल्के गर्म कपड़े पहनाएं।
- बुजुर्गों को सुबह की सैर देर से करने की सलाह दें।
- अस्थमा या एलर्जी के मरीज नियमित दवा लेते रहें।
- लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बदलते मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। समय पर सावधानी, संतुलित खान-पान और चिकित्सकीय सलाह से मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है। अस्पतालों में बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही है कि अब सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Author: Polkhol News Himachal










