

परिवर्तन : बाल स्कूल हमीरपुर में अब को-एजुकेशन, कन्या विद्यालय में शुरू होगा विज्ञान कॉलेज
विकासनगर में बनेगा विज्ञान समर्पित महाविद्यालय का नया भवन, 104 कनाल भूमि चिन्हित
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

हमीरपुर जिले के विकासनगर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यहां राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को अब को-एजुकेशन (सह-शिक्षा) के रूप में संचालित किया जाएगा, जबकि कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में विज्ञान महाविद्यालय की कक्षाएं प्रारंभ की जाएंगी।
शिक्षा विभाग ने इस निर्णय के पीछे छात्रों की सुविधा, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उच्च शिक्षा की पहुंच को मजबूत करने की मंशा बताई है।
विज्ञान महाविद्यालय के लिए 104 कनाल भूमि चिन्हित
विकासनगर में विज्ञान समर्पित महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण हेतु विभाग ने 104 कनाल भूमि चिन्हित कर ली है। प्रस्तावित भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लासरूम और प्रशासनिक ब्लॉक शामिल होंगे।
जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक महाविद्यालय की कक्षाएं अस्थायी रूप से कन्या विद्यालय परिसर में संचालित की जाएंगी।
कला और कॉमर्स संकाय का भी पुनर्गठन
सूत्रों के अनुसार कला और कॉमर्स संकाय की कुछ कक्षाओं को भी पुनर्गठित कर बाल विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा। इससे विद्यालय परिसर में संतुलन बना रहेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
इस निर्णय से स्टाफ और विद्यार्थियों के बीच तालमेल और संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित होगा।
निर्माण कार्य की तैयारी तेज
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और आगामी चरण में निर्माण कार्य के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। बजट स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।
इन्फो बॉक्स
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
स्थान |
हमीरपुर |
बदलाव |
बाल विद्यालय में को-एजुकेशन |
महाविद्यालय |
विज्ञान समर्पित कॉलेज |
भूमि |
104 कनाल चिन्हित |
वर्तमान व्यवस्था |
कन्या विद्यालय परिसर में अस्थायी कक्षाएं |
उद्देश्य |
उच्च शिक्षा को सुलभ और सशक्त बनाना |
शिक्षा क्षेत्र में नई दिशा
विकासनगर में यह पहल न केवल शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को विज्ञान शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी से भी राहत देगी। यदि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होता है, तो आने वाले वर्षों में यह संस्थान क्षेत्र का प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकता है।

Author: Polkhol News Himachal




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महाविद्यालय
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उद्देश्य





