

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर को राज्यसभा भेजने की उठी मांग
लोकसभा में किस्मत न खुली, अब उच्च सदन में सम्मानजनक एंट्री का अवसर !
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
रामलाल ठाकुर लंबे समय से हिमाचल प्रदेश की राजनीति का अहम चेहरा रहे हैं। कई बार विधानसभा चुनाव जीतकर मंत्री पद संभाल चुके रामलाल ठाकुर ने लोकसभा चुनावों में भी किस्मत आजमाई, लेकिन अब तक संसद के निचले सदन तक नहीं पहुंच पाए। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि कांग्रेस पार्टी इस बार उन्हें राज्यसभा भेजकर बड़ा संदेश दे सकती है। कांग्रेस को जब भी जरूरत पड़ी राम लाल ठाकुर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र सीट पर चुनाव लड़ने को हमेशा तैयार रहे।
वरिष्ठता और अनुभव का सम्मान
रामलाल ठाकुर कांग्रेस के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने संगठन और सरकार—दोनों स्तर पर लंबा अनुभव हासिल किया है। मंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने प्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई। पार्टी के भीतर उनका कद एक वरिष्ठ और संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है। राज्यसभा भेजे जाने की स्थिति में यह उनके लंबे राजनीतिक योगदान का सम्मान भी माना जाएगा।
क्रॉस वोटिंग पर लगेगा विराम?
हाल के वर्षों में राज्यसभा चुनावों के दौरान क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के लिए चिंता का विषय रही है। यदि पार्टी किसी सर्वमान्य और वरिष्ठ नेता को उम्मीदवार बनाती है, तो विधायकों के बीच असंतोष की संभावना कम हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रामलाल ठाकुर जैसा अनुभवी चेहरा संगठन को एकजुट रखने में मददगार साबित हो सकता है।
कांग्रेस के लिए रणनीतिक फैसला
प्रदेश में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच कांग्रेस के सामने राज्यसभा सीट को लेकर रणनीतिक फैसला लेने की चुनौती है। ऐसे में रामलाल ठाकुर को उम्मीदवार बनाना न केवल संगठनात्मक संतुलन साधने का प्रयास होगा, बल्कि वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देने का संदेश भी जाएगा।
क्या बनेगा सहमति का नाम?
अब नजरें कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं। क्या पार्टी अनुभव को प्राथमिकता देगी? अगर ऐसा होता है, तो रामलाल ठाकुर के लिए यह राजनीतिक सफर का नया अध्याय साबित हो सकता है—जहां लोकसभा का सपना भले अधूरा रहा हो, लेकिन राज्यसभा के रास्ते संसद तक पहुंचने का अवसर साकार हो सकता है।

Author: Polkhol News Himachal










