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हिमाचल प्रदेश में शादी से पहले होगी काउंसलिंग, घरेलू हिंसा रोकने को हर जिले में खुलेंगे ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र

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हिमाचल प्रदेश में शादी से पहले होगी काउंसलिंग, घरेलू हिंसा रोकने को हर जिले में खुलेंगे ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र

पोल खोल न्यूज़ डेस्क । शिमला 

प्रदेश में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए अब शादी से पहले युवक-युवतियों की काउंसलिंग की जाएगी। इसके लिए ‘तेरे मेरे सपने’ नाम से सभी जिलों में प्री मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में विवाह योग्य युवक-युवतियों को वैवाहिक जीवन को सफल बनाने, आपसी समझ बढ़ाने और रिश्तों को बेहतर तरीके से निभाने के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

यह पहल राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशों के बाद शुरू की जा रही है। आयोग की अध्यक्ष और मुख्य सचिव के बीच हुई बैठक के बाद सभी जिलों के उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में प्री मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी गई है।

कांगड़ा में प्रक्रिया तेज, प्रस्ताव तैयार

कांगड़ा जिले में इन केंद्रों को खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभाग द्वारा केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन केंद्रों में विवाह से पहले संवाद, जिम्मेदारियों की समझ, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर काउंसलिंग दी जाएगी।

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घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का कारण

जिले में घरेलू हिंसा के मामलों में पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में विभाग के पास कुल 798 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2025-26 में नवंबर तक 546 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 275 मामलों में विभाग ने समझौता करवाया है, जबकि 139 मामले अभी न्यायालय में लंबित हैं। नवंबर के बाद की रिपोर्ट मार्च में प्राप्त होगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार शर्मा के अनुसार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा के मामले लगभग समान रूप से सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मामलों को कम करने के लिए प्री मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

नशा और बढ़ती अपेक्षाएं बन रही मुख्य वजह

विभागीय आंकड़ों के अनुसार घरेलू हिंसा के मामलों के पीछे नशे की लत और विवाह के बाद बढ़ती पारिवारिक व व्यक्तिगत अपेक्षाएं प्रमुख कारण बनकर सामने आ रही हैं। देहरा खंड में सबसे अधिक और नगरोटा सूरियां में सबसे कम मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा बैजनाथ, भवारना, धर्मशाला, फतेहपुर, इंदौरा, नगरोटा बगवां, नूरपुर, परागपुर, रैत, सुलह और पंचरुखी क्षेत्रों से भी कई मामले सामने आए हैं।

विभाग के निदेशक पंकज ललित ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में प्री मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर शुरू किए जाएंगे, जहां विवाह से पहले युवक-युवतियों की काउंसलिंग कर उन्हें स्वस्थ और संतुलित वैवाहिक जीवन के लिए तैयार किया जाएगा।

📊 इन्फो बॉक्स

प्री मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर की मुख्य बातें:
  • सभी जिलों में ‘तेरे मेरे सपने’ नाम से केंद्र स्थापित होंगे
  • शादी से पहले युवक-युवतियों की काउंसलिंग की जाएगी
  • वैवाहिक जीवन, जिम्मेदारियों और संवाद पर मार्गदर्शन मिलेगा
  • घरेलू हिंसा के मामलों को कम करना मुख्य उद्देश्य
  • महिला एवं बाल विकास विभाग को संचालन की जिम्मेदारी
कांगड़ा जिले के घरेलू हिंसा आंकड़े (नवंबर 2025 तक):

  • 2024-25: 798 मामले दर्ज
  • 2025-26: 546 मामले दर्ज
  • 275 मामलों में समझौता
  • 139 मामले न्यायालय में लंबित
घरेलू हिंसा के प्रमुख कारण:
  • नशे की लत
  • विवाह के बाद बढ़ती अपेक्षाएं
  • आपसी संवाद की कमी

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