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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियां तेज, 31 मार्च तक लागू हो सकती है आचार संहिता

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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मियां तेज, 31 मार्च तक लागू हो सकती है आचार संहिता

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है और संभावना जताई जा रही है कि 31 मार्च तक पंचायत चुनावों के लिए आचार संहिता लागू हो सकती है। पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर भी लगभग तैयार है, जिसे 20 मार्च तक जारी किए जाने की उम्मीद है।

दरअसल, ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले हर हाल में संपन्न करवाए जाएं। अदालत के निर्देशों के बाद सरकार और प्रशासन पर तय समयसीमा में चुनाव करवाने का दबाव बढ़ गया है। इसी के चलते पंचायतीराज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मतदान केंद्रों के निर्धारण और कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने जैसे अहम कार्यों में जुटा हुआ है। आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया की औपचारिक घोषणा की जाएगी। आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि पंचायतीराज विभाग की ओर से आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी राजनीतिक हलचल

पंचायत चुनाव की संभावनाओं के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है और लोगों के बीच अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं। अब सभी की नजर 20 मार्च को आरक्षण रोस्टर जारी होने और 31 मार्च तक आचार संहिता लागू होने पर टिकी है।


प्रदेश में 40 नई पंचायतों का गठन, कुल संख्या होगी 3617

पंचायत चुनाव से पहले राज्य में पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके तहत प्रदेश में 40 नई पंचायतों का गठन किया जा रहा है। इससे पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 3617 हो जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में 3577 पंचायतें हैं।

पंचायतीराज विभाग ने नई पंचायतों के नाम भी फाइनल कर दिए हैं और इस संबंध में लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। 19 फरवरी को नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी की जाएगी।

सबसे अधिक 13 नई पंचायतें कांगड़ा जिले में बनाई जा रही हैं। इसके अलावा ऊना में 6, शिमला और बिलासपुर में 4-4, हमीरपुर, मंडी, सोलन और चंबा में 3-3 तथा सिरमौर में 2 नई पंचायतों का गठन होगा।

नई पंचायतों के गठन के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय विकास कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।


आगे क्या होगा

आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा। इसके बाद नामांकन, जांच, नाम वापसी और मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा को देखते हुए चुनाव प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि 31 मई से पहले पंचायतों का गठन सुनिश्चित किया जा सके।


📦 इन्फो बॉक्स: पंचायत चुनाव – मुख्य बातें

राज्य: हिमाचल प्रदेश
कुल पंचायतें (वर्तमान): 3577
नई पंचायतें: 40
कुल पंचायतें (नई संख्या): 3617

संभावित तारीखें:

  • आरक्षण रोस्टर जारी: 20 मार्च तक
  • आचार संहिता लागू: 31 मार्च तक (संभावित)
  • चुनाव कराने की अंतिम समय सीमा: 31 मई (सुप्रीम कोर्ट निर्देश)

तैयारियां जारी:

  • मतदाता सूची का पुनरीक्षण
  • मतदान केंद्रों का निर्धारण
  • कर्मचारियों की ड्यूटी तय करना

सबसे ज्यादा नई पंचायतें:

  • कांगड़ा: 13
  • ऊना: 6
  • शिमला, बिलासपुर: 4-4
  • हमीरपुर, मंडी, सोलन, चंबा: 3-3
  • सिरमौर: 2

महत्वपूर्ण:
आरक्षण रोस्टर जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।

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