

टौणी देवी व भोरंज सरकारी अस्पतालों की एक्स-रे मशीनें ठप, मरीजों की जेब पर पड़ रहा डबल बोझ
टौणी देवी और भोरंज में एक्स रे सेवाएं चरमराईं, निजी क्लीनिकों के चक्कर काटने को मजबूर लोग
पोल खोल न्यूज।भोरंज/टौणी देवी

जिला हमीरपुर के भोरंज और टौणी देवी स्थित सरकारी अस्पतालों में पिछले लंबे समय से एक्स-रे मशीनें खराब पड़ी हैं। मशीनों के ठप होने से रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को मजबूरन बाहर निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
रोजाना 400 से अधिक मरीज प्रभावित
भोरंज सिविल अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 400 से 450 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को एक्स-रे जांच की आवश्यकता होती है, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन्हें बिना जांच के ही लौटना पड़ता है या फिर निजी लैब में जाना पड़ता है।
टौणी देवी अस्पताल की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां भी एक्स-रे मशीन खराब होने से आपातकालीन मरीजों को तत्काल जांच सुविधा नहीं मिल पा रही।
आर्थिक बोझ बढ़ा
सरकारी अस्पताल में मुफ्त या नाममात्र शुल्क पर मिलने वाली सुविधा के अभाव में मरीजों को निजी क्लीनिकों में 500 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह अतिरिक्त बोझ चिंता का विषय बना हुआ है।
नई मशीन के लिए भेजा प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभाग ने नई एक्स-रे मशीन की खरीद के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मशीन काफी पुरानी हो चुकी थी और कंपनी ने इसे ठीक करने से भी मना कर दिया है। स्वीकृति मिलते ही नई मशीन स्थापित कर दी जाएगी।
स्थानीय लोगों में रोष
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और तुरंत नई मशीनें स्थापित की जानी चाहिएं।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक नई मशीनें स्थापित नहीं होतीं, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
भोरंज और टौणी देवी के सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे मशीनें खराब होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो मरीजों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। प्रशासन को चाहिए कि प्राथमिकता के आधार पर इस समस्या का समाधान सुनिश्चित करे।

Author: Polkhol News Himachal









