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डंके की चोट पर : 25 किलो का बोझ और 5 हजार की नौकरी! पशु मित्र भर्ती में ‘अजीबो गरीब’ पॉलिसी पर लगी ब्रेक

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डंके की चोट पर : 25 किलो का बोझ और 5 हजार की नौकरी! पशु मित्र भर्ती में ‘अजीबो गरीब’ पॉलिसी पर लगी ब्रेक

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग में 500 पदों पर हो रही पशु मित्र भर्ती की शारीरिक परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। निदेशक की ओर से जारी आदेश में प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ “प्रशासनिक कारण” हैं या फिर विवादों से घिरी एक गलत नीति की परिणति?


⚠️  25 किलो का कट्टा और मैदान में गिरते युवा

पशु मित्र भर्ती में शारीरिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को 25 किलो का कट्टा उठाकर दौड़ने को कहा गया। यह दृश्य कई जिलों में देखने को मिला, जहां युवा और युवतियां गिरते-पड़ते दिखाई दिए। इन तस्वीरों के वायरल होते ही विभाग की जमकर किरकिरी हुई। सवाल उठने लगे कि 5 हजार रुपये मानदेय वाली नौकरी के लिए यह “सजा जैसी परीक्षा” क्यों?


🔎 नीति बनाने वालों पर बड़ा सवाल

यह नीति आखिर किसने बनाई? किस अधिकारी ने यह तय किया कि पशु मित्र की भर्ती के लिए 25 किलो का बोझ उठाकर दौड़ना जरूरी है?
क्या यह परीक्षा कार्यकुशलता की जांच थी या युवाओं की सहनशक्ति की हदें परखने का प्रयोग?

सरकार ने पहले सफाई दी थी कि यह परीक्षा सुरक्षा और कार्यक्षमता के लिए है, प्रतियोगिता के लिए नहीं। लेकिन जब विरोध बढ़ा और तस्वीरें वायरल हुईं, तो अचानक “प्रशासनिक कारणों” का हवाला देकर पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दी गई।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसे नीति-निर्माताओं पर भी जवाबदेही तय होगी?


🛑 अचानक रोक से अभ्यर्थियों में असमंजस

प्रदेशभर में हजारों अभ्यर्थी इस भर्ती की तैयारी में जुटे थे। कई जिलों में शारीरिक परीक्षा अंतिम चरण में थी। अब आदेश जारी कर कहा गया है कि अगली सूचना तक कोई भी फिजिकल टेस्ट आयोजित नहीं किया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों में पहले ही पशु चिकित्सकीय सेवाओं की कमी है। रिक्त पदों के कारण पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पशु मित्र भर्ती से उम्मीद जगी थी कि गांवों में राहत मिलेगी, लेकिन अब यह उम्मीद भी अधर में लटक गई है।


📢 क्या होगी जवाबदेही या फिर फाइलों में दफन होगा मामला?

यदि नीति गलत थी तो जिम्मेदार कौन?
यदि परीक्षा जरूरी थी तो उसे रोका क्यों गया?

युवाओं को मैदान में गिरते देख सोशल मीडिया पर सरकार और विभाग दोनों पर सवाल उठे। क्या अब सिर्फ भर्ती रोक देना ही समाधान है? या फिर नीति बनाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?


📌 इन्फो बॉक्स

भर्ती: पशु मित्र – 500 पद
विवाद: 25 किलो का कट्टा उठाकर दौड़
स्थिति: शारीरिक परीक्षा पर अगली सूचना तक रोक
कारण (आधिकारिक): प्रशासनिक कारण
जमीनी हकीकत: वायरल तस्वीरों के बाद बढ़ा विरोध
बड़ा सवाल: नीति बनाने वाले अधिकारियों पर क्या होगी कार्रवाई?


यह मामला सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया का नहीं, बल्कि प्रशासनिक सोच और नीति निर्माण की संवेदनशीलता का है। युवाओं के सम्मान और ग्रामीण जरूरतों के बीच संतुलन बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। अब सबकी नजर अगली अधिसूचना और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।


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