

आरडीजी बंद होने से आर्थिक दबाव में हिमाचल, फिर भी सेवानिवृत्त अधिकारियों को मिल रहा पुनर्रोजगार
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने की स्थिति में हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। राज्य सरकार जहां एक ओर खर्चों में कटौती और आय बढ़ाने के उपाय तलाश रही है, वहीं दूसरी ओर कई सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनर्रोजगार देकर उन्हें वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रदेश में छह लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं। वित्त विभाग ने आर्थिक बोझ कम करने के लिए रिक्त पदों को समाप्त करने और नई भर्तियों पर रोक लगाने की सिफारिश की है। इसके बावजूद कई सेवानिवृत्त आईएएस और एचएएस अधिकारियों को सेवा विस्तार और पुनर्नियुक्ति दी गई है। इन अधिकारियों को वेतन के साथ-साथ सरकारी आवास, वाहन और स्टाफ जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। कुछ मामलों में अधिकारी पेंशन के साथ-साथ वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को करीब डेढ़ लाख से ढाई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन और भत्तों के रूप में दिए जा रहे हैं। जिन अधिकारियों को सेवा विस्तार मिला है, उन्हें नियमित अधिकारियों के समान वेतन और अन्य लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।
पुनर्नियुक्त अधिकारियों में पूर्व मुख्य सचिव राम सुभग सिंह को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है, जबकि पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को बिजली बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी गई है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आयुष एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि आरडीजी बंद होने के बाद राज्य को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और खर्चों में संतुलन बनाए रखने के लिए सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी ओर सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनर्रोजगार दिया जा रहा है।
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पूर्व मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने भी सरकार को खर्चों में कटौती और राजस्व बढ़ाने के उपाय करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्यों को केंद्र के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए प्रयासरत है और खर्च कम करने तथा आय के नए स्रोत बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर मंथन किया जा रहा है।
इन्फो बॉक्स
मुख्य मुद्दा: आरडीजी बंद होने के बीच सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनर्रोजगार
बेरोजगारी:
- 6 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत
सरकार के कदम:
- नई भर्तियों पर रोक की सिफारिश
- रिक्त पद समाप्त करने पर विचार
- खर्च कम करने और आय बढ़ाने पर मंथन
पुनर्नियुक्त अधिकारियों को सुविधाएं:
- ₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख तक मासिक वेतन
- पेंशन के साथ अतिरिक्त वेतन
- सरकारी आवास, वाहन और स्टाफ
मुख्य पुनर्नियुक्तियां:
- राम सुभग सिंह – मुख्यमंत्री के सलाहकार
- प्रबोध सक्सेना – बिजली बोर्ड अध्यक्ष
- अन्य कई सेवानिवृत्त अधिकारी सलाहकार और प्रशासनिक पदों पर नियुक्त
विवाद का कारण:
- बेरोजगारी के बावजूद नई भर्तियां बंद
- सेवानिवृत्त अधिकारियों को मिल रहा पुनर्रोजगार और सुविधाएं

Author: Polkhol News Himachal










