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डंके की चोट पर : टौणी देवी से सौतेला व्यवहार? 16 सरकारी स्कूलों में CBSE, पर बमसन क्षेत्र का सबसे पुराना स्कूल फिर भी उपेक्षित!

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डंके की चोट पर : टौणी देवी से सौतेला व्यवहार? 16 सरकारी स्कूलों में CBSE, पर बमसन क्षेत्र का सबसे पुराना स्कूल फिर भी उपेक्षित!

📍 300 विद्यार्थियों को रखा जा रहा सीबीएसई पाठ्य क्रम से वंचित

रजनीश शर्मा। हमीरपुर/टौणी देवी

हमीरपुर जिले के 16 सरकारी स्कूलों में नए सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा के बीच बमसन क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। क्षेत्र का सबसे पुराना और प्रमुख शिक्षण संस्थान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टौणी देवी इस सूची से बाहर है।

यहां वर्तमान में छठी से बारहवीं तक करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद इस विद्यालय को सीबीएसई मान्यता के दायरे में शामिल न किया जाना स्थानीय लोगों के लिए गहरे आघात जैसा है।


🏫 निजी विकल्प भी नहीं, फिर भी अनदेखी क्यों?

टौणी देवी क्षेत्र के आसपास कोई भी ऐसा निजी स्कूल मौजूद नहीं है, जहां सीबीएसई पाठ्यक्रम संचालित हो रहा हो। ऐसे में सरकारी स्कूल को ही सीबीएसई से जोड़ना यहां के विद्यार्थियों के लिए एकमात्र विकल्प था।

ग्रामीणों का कहना है कि जब अन्य क्षेत्रों के स्कूलों को प्राथमिकता दी जा सकती है, तो बमसन क्षेत्र के सबसे पुराने और बड़े विद्यालय को नजरअंदाज करना समझ से परे है।


⚖️ सवालों के घेरे में नेतृत्व

सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र का अहम हिस्सा होने के बावजूद टौणी देवी खुद को आज उपेक्षित महसूस कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय नेतृत्व अपने इलाके के अधिकारों के लिए प्रभावी पैरवी करने में असफल रहा है।

लोगों का कहना है कि पहले यहां से राजकीय डिग्री कॉलेज बंद हुआ, अब सीबीएसई सूची से भी स्कूल बाहर है। विकास की योजनाएं केवल कागजों में सिमटकर रह गई हैं।


📂 फाइलों में धूल खा रही ‘सेंटर स्कूल’ की जमीन

ग्रामीणों के अनुसार टौणी देवी में प्रस्तावित ‘सेंटर स्कूल’ की जमीन का मामला वर्षों से फाइलों में अटका हुआ है। जमीन उपलब्ध होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

इससे यह धारणा मजबूत हो रही है कि क्षेत्र के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।


😡 जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनका आरोप है कि टौणी देवी क्षेत्र की अनदेखी अब एक स्थायी प्रवृत्ति बनती जा रही है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार तुरंत इस स्कूल को सीबीएसई मान्यता सूची में शामिल करे, ताकि यहां के बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का समान अवसर मिल सके।


📌 इन्फो बॉक्स

🏫 विद्यालय का नाम: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टौणी देवी
📚 कक्षाएं: 6वीं से 12वीं
👩‍🎓 विद्यार्थी संख्या: लगभग 300
📍 क्षेत्र: बमसन, सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र
❗ मुख्य मांग: सीबीएसई पाठ्यक्रम में तत्काल शामिल किया जाए
📂 लंबित मुद्दा: सेंटर स्कूल की जमीन का मामला वर्षों से लंबित
🎓 पूर्व झटका: क्षेत्र से राजकीय डिग्री कॉलेज पहले ही बंद


जहां एक ओर जिले के 16 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने की तैयारी है, वहीं टौणी देवी जैसे पुराने और बड़े संस्थान की अनदेखी क्षेत्रीय संतुलन और शिक्षा के अधिकार पर सवाल खड़े कर रही है।

अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन क्षेत्रवासियों की आवाज सुनते हैं या टौणी देवी यूं ही उपेक्षा का दंश झेलता रहेगा।




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