

*राहुल गांधी बने मज़बूत नेता प्रतिपक्ष, सवालों से घिरी मोदी सरकार: प्रेम कौशल*
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी और मज़बूत चुनौती के रूप में सामने आए हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो कार्यकालों में बिना नेता प्रतिपक्ष के मनमाने ढंग से सरकार चलाई परंतु अब राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के उपरांत उनकी भूमिका से सरकार और प्रधानमंत्री परेशान नज़र आ रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मीडिया को जारी व्यान में कहा कि भाजपा नेतृत्व में राहुल गांधी के देशहित एवं जनता से जुड़े सवालों का सामना करने का साहस नहीं है जिसकी वजह से एक साजिश के तहत पहले भी उनकी लोकसभा सदस्यता छीनने का प्रयास किया गया और अब एक सिरफिरे सांसद के माध्यम से राहुल गांधी के आजीवन चुनाव लड़ने पर रोक लगाने जैसे प्रस्ताव की चर्चा हो रही है। कौशल ने कहा कि यदि सांसद और देश की जनता को गुमराह करने तथा झूठ बोलने का कार्य किसी ने किया है तो वह देश के प्रधानमंत्री ने किया है!अमेरिका के साथ हुई एकतरफा व्यापार डील और पूरे विश्व में हैवानियत एवं मानवता कि तमाम हदें पार करने वाले प्रकरण एपस्टीन फाइल में हुए खुलासों पर स्पष्टीकरण मांगना गुनाह कैसे हो गया।
यह हैरानी का विषय है, मोदी सरकार का एक मंत्री यह स्वीकार कर रहा है कि वह हैवानियत की हदें पार करने वाले जेफरी एपस्टीन से तीन चार बार मिला है,यह बहुत हैरान करने वाला विषय है कि एक ऐसा व्यक्ति जिसके ऊपर अबोध नवालिग बच्चियों के प्रति हैवानियत के आरोप थे और जो समूचे विश्व में अपने कुकृत्यों के लिए बदनाम था ऐसे दुष्ट शैतान से इन महाशय को कैसा प्रोफेशनल कार्य हो सकता था!कौशल ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे नेता को मंत्रिमंडल से हटाने या उससे त्यागपत्र लेने की बजाय सवाल करने वाले राहुल गांधी के ख़िलाफ़ साजिशों को अंजाम दिया जा रहा है।
Author: Polkhol News Himachal










