

भरमौर में युवक की संदिग्ध मौत, पंजाब के दो दोस्त 2.15 ग्राम चिट्टा सहित गिरफ्तार
पोल खोल न्यूज़ | चम्बा
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को नशे की ओवरडोज से मौत की आशंका है। मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब मृतक के साथ ठहरे पंजाब के जालंधर निवासी दो युवकों को 2.15 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया गया।
मृतक की पहचान रोहित निवासी भरमौर के रूप में हुई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिवांशु दुआ (30) निवासी बस्ती पीर डाढ़, महाराजा गार्डन, जालंधर और कर्ण (25) निवासी मखदुमपुरा, जालंधर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार 8 फरवरी को जालंधर से आए दोनों युवक ग्राम पंचायत सचुई के गांव बाड़ी में रमेश चंद के घर ठहरे थे। रोहित भी उसी रात उनके साथ कमरे में रुका। अगली सुबह जिवांशु ने रोहित के परिजनों को फोन कर उसके बेहोश होने की सूचना दी। परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत सिविल अस्पताल भरमौर ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुरुआत में परिजनों को किसी साजिश का संदेह नहीं था, लेकिन बाद में मौत के कारणों की गहन जांच की मांग की गई। पुलिस पूछताछ के दौरान संदेह गहराया कि रोहित ने दोनों दोस्तों के साथ नशे का सेवन किया था।
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जांच के दौरान जिवांशु ने बताया कि वह निजी कार से जालंधर से भरमौर आया था। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में हेलीपैड के पास खड़ी कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की में रखे टूल बॉक्स के जैक के अंदर से दो पारदर्शी पॉलीथिन में 2.15 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। बरामदगी के बाद दोनों युवकों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने बताया कि युवक की मौत और नशे के बीच संबंधों की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल जालंधर के दोनों युवकों को चिट्टा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जमानत मिल चुकी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
📌 इन्फो बॉक्स
नशे से जुड़े मामलों में क्या कहता है कानून?
- चिट्टा/हेरोइन रखना या खरीद-फरोख्त करना एनडीपीएस एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है।
- बरामद मात्रा के आधार पर सजा और जमानत की शर्तें तय होती हैं।
- नशे की ओवरडोज से मौत के मामलों में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम होती है।
- पुलिस जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होते हैं।

Author: Polkhol News Himachal










