best news portal development company in india

दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता सामान्य वैवाहिक विवाद, साक्ष्यों के अभाव में पति-सास बरी

SHARE:

दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता सामान्य वैवाहिक विवाद, साक्ष्यों के अभाव में पति-सास बरी

पोल खोल न्यूज़ | सिरमौर

दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि हर वैवाहिक विवाद को दहेज उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता, जब तक अवैध दहेज मांग से जुड़ी ठोस और प्रमाणित क्रूरता सिद्ध न हो। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) विशाल तिवारी की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में पति और सास को आरोपों से बरी कर दिया।

अदालत ने उत्तराखंड के ऋषिकेश निवासी गगनदीप और सुरेंद्र कौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 406, 323 और 506 के तहत लगाए गए सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।

यह मामला जून 2014 में थाना पांवटा साहिब में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2013 में विवाह के बाद ससुराल पक्ष ने कार और नकदी की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया। मांग पूरी न होने पर मारपीट कर घर से निकालने तथा दहेज में मिले सामान को हड़पने के आरोप भी लगाए गए थे।

ये भी पढ़ें :राजा साहब का युग : हिमाचल की अर्थव्यवस्था, विकास और वित्तीय अनुशासन की मजबूत नींव

अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला के पिता द्वारा 45,000 रुपये उसके पति को दिए गए थे, लेकिन सुनवाई के दौरान स्वयं शिकायतकर्ता ने स्वीकार किया कि यह राशि स्कूटी खरीदने के लिए ली गई थी। साथ ही उसने यह भी माना कि उसका स्त्रीधन उसे वापस मिल चुका है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता दहेज मांग से संबंधित तिथि, समय और परिस्थितियों का कोई स्पष्ट विवरण प्रस्तुत नहीं कर सकी। कथित मारपीट के समर्थन में कोई मेडिकल साक्ष्य भी न्यायालय में पेश नहीं किए गए। इसके अलावा अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान भी आरोपों को पुष्ट नहीं कर सके, जबकि एक गवाह अपने पूर्व बयान से मुकर गया।

अदालत ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा है। पर्याप्त और ठोस साक्ष्यों के अभाव में पति और सास को बरी कर दिया गया। मामले के तीसरे आरोपी जगजीत सिंह के खिलाफ न्यायालय द्वारा पूर्व में 29 नवंबर 2011 को ही कार्यवाही समाप्त की जा चुकी थी।

Leave a Comment

best news portal development company in india
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पढ़ी गई
error: Content is protected !!

Follow Us Now