
डंके की चोट पर : आखिर कब तक ऊहल – कक्कड़ सड़क पर बहती रहेंगी खून की लकीरें, लावारिस सड़क का कोई तो रखे ख्याल
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
सुजानपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कवकड़ के पास बीती देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

*मृतक की पहचान, घायलों की हालत नाजुक*
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान झीखर गांव निवासी देशराज (50) पुत्र मगत राम के रूप में हुई है। हादसे में घायल दोनों व्यक्तियों को तत्काल सुजानपुर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में एक राजस्थान तथा एक किन्नौर का निवासी बताया जा रहा है, जिनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
*शादी की खुशियां बदलीं मातम में*
बताया जा रहा है कि तीनों व्यक्ति ऊहल से भेड़ा एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन कवकड़ पोस्ट ऑफिस के समीप कार चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सीधा गहरी खाई में समा गया। एक बार फिर विवाह की खुशियां सड़क हादसे की भेंट चढ़ गईं।

*पुलिस जांच में जुटी, सवाल फिर वही*
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन सवाल वही हैं—क्या यह हादसा केवल तेज रफ्तार का नतीजा था या सड़क की बदहाली भी जिम्मेदार है?
*खूनी सड़क बन चुकी है टौणी देवी–उहल–कक्कड़ सड़क*
*हर मोड़ पर मौत, हर सफर में डर*
टौणी देवी–उहल–कक्कड़–जंगलबेरी सड़क अब विकास की नहीं, बल्कि मौत की पहचान बन चुकी है। इस सड़क पर अब तक दर्जनों कार सवार अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और लोक निर्माण विभाग अब भी गहरी नींद में सोया हुआ है।
*ढिलमुल नीति ने छीनीं अनगिनत जिंदगियां*
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ढिलमुल कार्यशैली ने सड़क को बद से बदतर हालत में पहुंचा दिया है। जगह-जगह सड़क संकरी है, खतरनाक मोड़ हैं, लेकिन सुधार के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही दिए गए।
*अधूरे पड़े तंग मोड़, खुले खतरे*
तंग मोड़ों को खोलने का कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। जहां सुधार होना था, वहां आज भी मौत खुलेआम खड़ी है। बरसात और रात के समय यह सड़क जानलेवा जाल में तब्दील हो जाती है।
*बेरिकेड्स और पैरापिट्स नदारद*
सड़क किनारे न तो पर्याप्त बेरिकेड्स हैं, न पैरापिट्स और न ही चेतावनी साइन बोर्ड। वाहन चालक अंधेरे और खस्ताहाल सड़क के भरोसे अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
*25 पंचायतों की जीवनरेखा, लेकिन लावारिस*
करीब 25 पंचायतों को जोड़ने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क पूरी तरह लावारिस बनी हुई है। स्थानीय लोग रोज इसी सड़क से गुजरते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं।
*करोड़ों के दावे, ज़मीन पर सन्नाटा*
सड़क को करोड़ों रुपये से अपग्रेड करने की घोषणाएं हर बार की जाती हैं, लेकिन हकीकत में ये घोषणाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं।

*शादी-ब्याह का सीजन, हादसों का सीजन*
विवाह शादियों के सीजन में इस सड़क पर दुर्घटनाओं की संख्या और बढ़ जाती है। खुशियों से भरी यात्राएं बार-बार गमी में तब्दील हो रही हैं।
*अब भी नहीं जागे तो और जाएंगी जानें*
स्थानीय लोगों की मांग है कि लोक निर्माण विभाग, प्रशासन और जन प्रतिनिधि अब भी नहीं जागे, तो यह सड़क और भी जिंदगियां निगलती रहेगी। इतने हादसों के बाद भी चुप्पी शर्मनाक है।
Author: Polkhol News Himachal









