best news portal development company in india

अनजान कॉल से 10 लाख की ठगी: शिमला में कॉल फॉरवर्डिंग और वॉयस क्लोनिंग से खाली हुआ बैंक खाता

SHARE:

अनजान कॉल से 10 लाख की ठगी: शिमला में कॉल फॉरवर्डिंग और वॉयस क्लोनिंग से खाली हुआ बैंक खाता

पोल खोल न्यूज़ । शिमला 

साइबर ठग लोगों से ठगी करने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब वॉयस क्लोनिंग और कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के जरिए सीधे बैंक खातों को निशाना बनाया जा रहा है। राजधानी शिमला में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग के खाते से अनजान कॉल आने के बाद दस लाख रुपये निकल गए।

यह मामला शिमला के छोटा शिमला क्षेत्र का है। पीड़ित बुजुर्ग के अनुसार, उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल उठाने के कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर बैंक से लगातार मैसेज आने लगे, जिनमें खाते से दस लाख रुपये निकलने की जानकारी थी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित का दावा है कि न तो उनके पास कोई ओटीपी आया और न ही उन्होंने किसी लिंक पर क्लिक किया।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठग इस तरह की ठगी में कॉल मर्ज या कॉल फॉरवर्डिंग का सहारा लेते हैं। अपराधी फोन पर किसी जानकार की तरह बात करते हुए कॉल मर्ज करने या किसी कोड को डायल करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति ऐसा करता है, उसका फोन बैंक के ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन सिस्टम से जुड़ जाता है। इसके बाद ठग ओटीपी और बैंक से जुड़े मैसेज अपने नंबर पर फॉरवर्ड करवा लेते हैं और खाते से रकम निकाल लेते हैं।

कई मामलों में साइबर अपराधी *21, *401# जैसे कोड डायल करवाकर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करवा देते हैं। इससे पीड़ित के फोन पर आने वाली सभी कॉल और मैसेज ठगों तक पहुंच जाते हैं। शिमला पुलिस के साथ-साथ साइबर विंग की टीम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जिन बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी भी पड़ताल की जा रही है।

साइबर विशेषज्ञ एवं आईटी कंपनी संचालक अजय का कहना है कि सीधे कॉल के जरिये ठगी करना आसान नहीं होता, लेकिन लालच, डर या भ्रम के कारण लोग ठगों के बताए गए कोड डायल कर देते हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी बैंक खातों को खाली कर देते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और ठगी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं।

इन्फो बॉक्स | साइबर ठगी से बचाव के उपाय

  • अनजान नंबर से आई कॉल पर किसी भी तरह का कोड डायल न करें।
  • कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करने को कहे जाने पर तुरंत मना करें।
  • यदि गलती से कोई कोड डायल हो गया हो तो ##002# डायल कर सभी कॉल फॉरवर्डिंग बंद करें।
  • *#21# डायल कर जांचें कि आपकी कॉल या मैसेज फॉरवर्ड तो नहीं हो रहे।
  • किसी को भी अपना ओटीपी न बताएं, चाहे वह खुद को बैंक अधिकारी ही क्यों न बताए।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now