
हिमाचल में साइबर अपराध बना बड़ी चुनौती, 2025 में 132 करोड़ की ठगी, रिकवरी रेट 20% पार
पोल खोल न्यूज़ डेस्क । शिमला
शिमला। हिमाचल प्रदेश में डिजिटल अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। सरकार और पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद साइबर ठगी के मामलों में हर साल इजाफा हो रहा है। बीते वर्षों में करोड़ों रुपये की ठगी साइबर फ्रॉड के जरिए की जा चुकी है।
साल 2025 के आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध प्रदेश के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। जहां एक ओर ठगी की राशि में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता के चलते रिकवरी रेट में ऐतिहासिक सुधार भी देखने को मिला है। वर्ष 2025 में साइबर ठगों ने प्रदेशवासियों से 132 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 29 करोड़ रुपये की राशि होल्ड करवाई है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों और कॉल्स में लगातार बढ़ोतरी हुई है। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 2023 में 44 हजार से अधिक कॉल्स आईं, जो 2024 में बढ़कर 1.10 लाख से ज्यादा हो गईं। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा औसतन 670 कॉल प्रतिदिन तक पहुंच गया है।
शिकायतों की संख्या में भी बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। 2023 में 7,040 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जो 2024 में बढ़कर 11,892 और 2025 में 18,706 तक पहुंच गईं। ठगी की कुल राशि 2023 में 41 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो 2024 में बढ़कर 114 करोड़ और 2025 में 132 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
साइबर अपराध बढ़ने के साथ-साथ पुलिस की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी हुई है। 2023 में जहां केवल 3.75 करोड़ रुपये ही होल्ड किए जा सके थे, वहीं 2024 में यह राशि 11.29 करोड़ और 2025 में बढ़कर 29.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसके चलते रिकवरी रेट 2023 के 3.8 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 20.3 प्रतिशत हो गया है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 की इंचार्ज अनिता शर्मा के अनुसार, हेल्पलाइन पर आने वाली हर कॉल को गंभीरता से लिया जाता है। ठगी की सूचना मिलते ही प्राथमिकता पीड़ित को तत्काल राहत पहुंचाने की होती है, ताकि समय रहते बैंक खातों को फ्रीज किया जा सके।
लिंग-आधारित आंकड़ों के अनुसार साइबर ठगी का सबसे अधिक शिकार पुरुष हुए हैं। जिलावार आंकड़ों में शिमला, कांगड़ा और मंडी जिले वर्ष 2025 में सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर संपर्क करें।
एसपी साइबर क्राइम शिमला रोहित मालपानी ने कहा कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या लुभावने ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
📌 इंफो बॉक्स | हिमाचल में साइबर अपराध (2023–2025)
🔹 साइबर ठगी की कुल राशि (2025):
₹132 करोड़ से अधिक
🔹 होल्ड की गई राशि (2025):
₹29.35 करोड़
🔹 रिकवरी रेट:
2023 – 3.8%
2025 – 20.3%
🔹 1930 हेल्पलाइन कॉल्स:
▪ 2023 – 44,000+
▪ 2024 – 1,10,000+
▪ 2025 – औसतन 670 कॉल/दिन
🔹 दर्ज शिकायतें:
▪ 2023 – 7,040
▪ 2024 – 11,892
▪ 2025 – 18,706
🔹 लिंग-आधारित पीड़ित:
▪ पुरुष – 78.26%
▪ महिलाएं – 18.96%
▪ बच्चे – 2.72%
🔹 सबसे अधिक प्रभावित जिले:
शिमला, कांगड़ा, मंडी
🔹 आपात हेल्पलाइन:
📞 1930 (गोल्डन ऑवर: पहले 1–2 घंटे सबसे अहम)

Author: Polkhol News Himachal









