
नशे की लत युवाओं को एचआईवी की ओर धकेल रही है, सोलन में 72 नए मामले सामने आए
पोल खोल न्यूज़ । शिमला
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अब केवल सामाजिक बुराई नहीं रह गई है, बल्कि यह जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन रही है। नशे के लिए एक ही सिरिंज का बार-बार और सामूहिक रूप से प्रयोग युवाओं को एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी का शिकार बना रहा है। सोलन जिले में सामने आए आंकड़े इस समस्या की भयावहता को उजागर करते हैं।
जिला स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सोलन जिले में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के करीब पांच फीसदी युवा एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। इनमें केवल लड़के ही नहीं, बल्कि कुछ लड़कियां भी शामिल हैं। यह तथ्य स्वास्थ्य विभाग और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल से दिसंबर के बीच 72 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इससे पहले जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच 105 नए मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ और परवाणू में उद्योगों में काम करने वाले कुछ प्रवासी श्रमिक भी एचआईवी से संक्रमित पाए जा रहे हैं।
कम उम्र के बच्चों में एचआईवी के लक्षण सामने आने से विभाग की चिंता और बढ़ गई है। चिकित्सकों का मानना है कि कई किशोर बहुत कम उम्र में ही नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशे के दौरान वे इंजेक्शन के माध्यम से विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। एक ही सिरिंज को कई लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने से संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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वर्ष 2025 में जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से युद्ध स्तर पर एचआईवी जांच अभियान चलाया गया। इसके साथ ही गांव-गांव जाकर लोगों को एचआईवी एड्स के प्रति जागरूक किया गया। वर्तमान में भी विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नशा छोड़ने, सिरिंज का प्रयोग न करने और असुरक्षित यौन संबंधों से बचने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने बताया कि जिले में एचआईवी एड्स को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जाती है और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
📌 इन्फो बॉक्स
एचआईवी के प्रमुख लक्षण
- बुखार
- अत्यधिक थकान
- गले में खराश
- मांसपेशियों में दर्द
- रात में अधिक पसीना आना
- त्वचा पर खरोंच या चकत्ते
- मुंह में छाले
एचआईवी कैसे फैलता है
- असुरक्षित यौन संबंध
- संक्रमित सुई या सिरिंज का साझा उपयोग
- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान संक्रमित मां से बच्चे में
- संक्रमित रक्त चढ़ाने से
- शेविंग ब्लेड साझा करने से
- टैटू बनवाते समय एक ही नीडल का उपयोग
स्वास्थ्य विभाग की अपील
- नशे से दूरी बनाएं
- सिरिंज का प्रयोग न करें
- सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाएं
- समय-समय पर एचआईवी जांच कराएं
“एचआईवी एड्स पर जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं के नियमित टेस्ट किए जाते हैं और संक्रमण रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।”
— डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन
Author: Polkhol News Himachal









