best news portal development company in india

हिमाचल प्रदेश: मैक्लोडगंज में पांच माह से बिना वीजा रह रहा चीन का नागरिक पकड़ा

SHARE:

हिमाचल प्रदेश: मैक्लोडगंज में पांच माह से बिना वीजा रह रहा चीन का नागरिक पकड़ा

पोल खोल न्यूज़ । धर्मशाला 


तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की नगरी मैक्लोडगंज में हिमाचल पुलिस ने एक चीनी नागरिक को हिरासत में लिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ बिना वैध भारतीय वीजा के लंबे समय तक भारत में ठहरने के आरोप में मैक्लोडगंज पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसकी गतिविधियां जासूसी से जुड़ीं तो नहीं हैं। जांच के दौरान उसके बैंक खाते में लगभग चार लाख चीनी युआन की राशि पाई गई है। उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। वह करीब पांच माह से मैक्लोडगंज के समीप एक गांव में किराये के मकान में रह रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी चीन पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुका है।

बताते चलें कि कांगड़ा पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सुरक्षा शाखा को सबसे पहले इस विदेशी नागरिक की संदिग्ध मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद उसे सुरक्षा शाखा कार्यालय लाया गया। आरोपी केवल चीनी भाषा में बातचीत कर रहा था और प्रारंभिक तौर पर उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ के दौरान आरोपी हिंदी या अंग्रेजी में संवाद नहीं कर सका। बाद में उसने अपना पासपोर्ट प्रस्तुत किया। पासपोर्ट के अनुसार उसका नाम लौ वेननियन और जन्म तिथि 10 मई 1965 दर्ज है। वहीं, जन्म स्थान सिचुआन और पासपोर्ट जारी स्थान युन्नान दर्ज है। उसके पास नेपाल सरकार की ओर से जारी पर्यटक वीजा पाया गया, जिसकी अवधि 29 जून 2025 से 26 सितंबर 2026 (90 दिन) अंकित है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 26 सितंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 तक लगभग 130 दिन कांगड़ा के मैक्लोडगंज क्षेत्र में बिना किसी वैध भारतीय वीजा के ठहरा रहा। यह विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14 के तहत दंडनीय अपराध है।

ये भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश: मैक्लोडगंज में पांच माह से बिना वीजा रह रहा चीन का नागरिक पकड़ा

वहीं, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अशोक रतन ने बताया कि चीनी नागरिक को हिरासत में लिया गया है। बिना वैध भारतीय वीजा के भारत में रहने के आरोप में उस पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कांगड़ा जिला मुख्यालय धर्मशाला में आईबी सहित कई केंद्रीय जांच एजेंसियों के कार्यालय मौजूद हैं। बावजूद इसके लंबे समय तक चीनी नागरिक की मौजूदगी किसी केंद्रीय एजेंसी के संज्ञान में न आना सवाल खड़े करता है। हालांकि, हिमाचल पुलिस की सुरक्षा शाखा की समय रहते कार्रवाई से वह उसे हिरासत में लिया जा सका है। मैक्लोडगंज में दलाई लामा का निवास और निर्वासित तिब्बती सरकार का मुख्यालय होने के कारण यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं। सुरक्षा कारणों से केंद्र सरकार ने यहां विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के कार्यालय स्थापित किए हैं।

दलाई लामा को जेड प्लस सुरक्षा

तिब्बती आध्यात्मिक गुरु और 14वें दलाई लामा को पूर्व में चीन की ओर से कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। बीते वर्ष खुफिया इनपुट के आधार पर उनकी सुरक्षा को खतरा माना गया था, जिसके बाद भारत सरकार ने उन्हें देशभर में जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के कमांडो संभाल रहे हैं। 15वें दलाई लामा की घोषणा को लेकर चीन लगातार अपनी दावेदारी जताता रहा है, जबकि गादेन फोडरंग ट्रस्ट और तिब्बती धर्मगुरुओं ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में चीन सरकार के किसी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now